दुल्हन मंडप फेरे सब कुछ सिर्फ दूल्हा नहीं, क्या है sologamy ? जानिए विस्तार से

क्या है sologamy

दुल्हन मंडप फेरे सब कुछ सिर्फ दूल्हा नहीं, फिर भी शादी ! भले ही यह खबर पढ़कर आप सोच रहे होंगे की बिना दूल्हे के शादी कैसे संभव है परन्तु यह सब कुछ कपोल-कल्पना नहीं बल्कि वास्तविकता है। जी हाँ वर्तमान समय में विभिन पश्चिमी देशो के ऐसा ट्रेंड चल रहा है जहाँ बिना दूल्हे के ही शादी की सभी रस्मे पूरी की जाती है और इस शादी को पूर्ण मान लिया जाता है। चौकिये मत ! यह सब संभव हो सका है sologamy के माध्यम से। हालांकि अभी भी आपके मन में विचार चल रहा होगा की sologamy ? क्या होता है तो आज के इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको बताने वाले की क्या है sologamy ? जिसके माध्यम से दुल्हन मंडप फेरे सब कुछ होने के बावजूद दूल्हा नहीं होता परन्तु फिर भी यह शादी पूर्ण हो जाती है। तो चलिए शुरू करते है।

इक्कीसवीं सदी का भारत

क्या है sologamy
sologamy know about it

सोलोगैमी (sologamy) का चलन

हमारे देश में जहाँ शादी को बहुत बड़ा फैसला माना जाता है वही कई देशो में सोलोगैमी (sologamy) का चलन भी मौजूद है। हाल ही में भारत में क्षमा बिंदु नाम की लड़की द्वारा सोलोगैमी के तहत खुद से शादी की गयी है जिसके कारण देश में यह खबर आग की तरह फ़ैल गयी थी। लोगो में यह जानने की उत्सुकता रही है की क्षमा बिंदु कौन है और यह खुद से शादी क्यों कर रही है।

इसके अलावा अनेक लोगो के मन में यह सवाल उठे है की यह किस तरह की शादी है जहाँ दुल्हन मंडप फेरे सब कुछ सिर्फ दूल्हा नहीं फिर भी शादी हो रही है। बिना दूल्हे के शादी और वह भी खुद से ऐसे में यह लोगो के मध्य जिज्ञासा का विषय है। इसके लिए हमे सोलोगैमी (sologamy) के विषय में जानकारी होना आवश्यक है।

क्या है sologamy ?

अधिकतर लोगो के मन में सबसे पहला सवाल यह होगा की आखिर यह sologamy है क्या जिसमे बिना दूल्हे के शादी हो रही है। दरअसल sologamy के तहत लोग खुद से शादी करते है एवं इसमें उन सभी परम्पराओ को पूरा किया जाता है जो की वास्तविक शादी में होता है। sologamy शादी उन लोगो द्वारा की जाती है जो की स्वयं से उसी तरह से प्यार करते है जिस तरह से 2 पार्टनर करते है साथ ही ये लोग अपने साथ किसी अन्य पार्टनर को भी नहीं चाहते है ऐसे में यह स्वयं से शादी रचाकर ही शादीशुदा जीवन जीते है।

sologamy शादी में सभी प्रकार की पारम्परिक शादी की रस्मे निभायी जाती है जैसे की दुल्हन, मंडप, बाराती, मेहमान, पंडाल एवं अन्य सभी रस्मो रिवाज परन्तु यहाँ किसी भी प्रकार का दूल्हा नहीं होता है। हालांकि अगर कोई लड़का sologamy शादी करता है तो वहां दुल्हन नहीं होती है। इस प्रकार से sologamy शादी का अर्थ स्वयं को ही अपना पार्टनर मानकर शादी करना है।

भारत में sologamy का चलन

हालांकि दुनिया में sologamy का चलन नया नहीं है। sologamy सबसे पहले पश्चिमी देश अमेरिका में शुरू हुयी थी। यहाँ वर्ष 1993 में लिंडा बारकर नाम की महिला ने sologamy के माध्यम से स्वयं से शादी की थी जिसमे की 75 मेहमानो को भी आमंत्रित किया गया था। हालांकि उस समय यह दुनिया में आश्चर्य का विषय था की कोई इंसान खुद से ही शादी कैसे कर सकता है। हालांकि धीरे-धीरे दुनिया के अन्य भागो में भी यह ट्रेंड फैला और अन्य देशो में भी लोग सोलोगैमी के माध्यम से स्वयं से विवाह करने लगे।

आमतौर पर सोलोगैमी विवाह स्वयं से प्यार करने वाले लोग जिन्हे किसी भी पार्टनर की जरुरत महसूस नहीं होती, करते है। अब यह ट्रेंड हमारे देश में भी प्रचलन में आ गया है और क्षमा बिंदु इस प्रकार की पहली दुल्हन बनने वाली है।

क्षमा बिंदु कौन है?

India's first Sologamy Kshama Bindu marries herself
India’s first Sologamy

क्षमा बिंदु गुजरात के बड़ोदरा की निवासी है जिन्होंने देश में सबसे पहले सोलोगैमी (sologamy) के माध्यम से स्वयं से शादी की है। रिपोर्ट्स की माने तो 9 जून 2022 को क्षमा बिंदु द्वारा सोलोगैमी (sologamy) के माध्यम से स्वयं से शादी रचाई जा चुकी है। इस प्रकार से हम कह सकते है की क्षमा बिंदु ने बिना दूल्हे के ही शादी कर ली है। हालाँकि कई लोगो द्वारा इसका विरोध भी किया गया है परन्तु क्षमा बिंदु द्वारा जिंदगी को अपने हिसाब से जीने का मन बनाया जा चुका है यही कारण रहा है उन्होंने बिना किसी दूल्हे के शादी कर ली है।

सोलोगैमी (sologamy) शादी सम्बंधित अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सोलोगैमी (sologamy) क्या है ?

सोलोगैमी (sologamy) शादी वह शादी है जिसके तहत लोग स्वयं से शादी करते है। इस प्रकार की शादी में किसी तरह के पार्टनर की आवश्यकता नहीं होती है।

sologamy का चलन कहाँ से शुरू हुआ ?

sologamy का चलन अमेरिका से शुरू हुआ जहाँ वर्ष 1993 में लिंडा बारकर नाम की महिला ने sologamy के माध्यम से स्वयं से शादी की थी।

sologamy शादी क्यों प्रचलन में है ?

sologamy शादी में लोग विवाह सम्बंधित बंधनो से आजादी चाहते है एवं अपनी जिंदगी खुद के अनुसार जीना चाहते है। यही कारण है की sologamy के माध्यम से लोग स्वयं से शादी करते है।

क्षमा बिंदु कौन है ?

क्षमा बिंदु गुजरात के बड़ोदरा की निवासी है जिन्होंने देश में सबसे पहले सोलोगैमी (sologamy) के माध्यम से स्वयं से शादी की है।

The post दुल्हन मंडप फेरे सब कुछ सिर्फ दूल्हा नहीं, क्या है sologamy ? जानिए विस्तार से appeared first on CRPF India.

You may like these posts

-->