अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर निबंध Essay on Women’s Day in Hindi

Essay on Women’s Day in Hindi : महिला दिवस पर स्कूल कॉलेज आदि में भाषण, निबंध और लेख लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। 

ऐसे में अगर आपको भी महिला दिवस पर भाषण, महिला दिवस पर निबंध और महिला दिवस पर लेख लिखना है, तो हम आपके लिए महिला दिवस पर भाषण निबंध लेख लिखने का सैम्पल लेकर आया है। जिसकी मदद से आप आसानी से महिला दिवस पर भाषण निबंध लेख लिख सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर निबंध - रुपरेखा

  • प्रस्तावना
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस २०२१
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कैसे मनाया जाता है
  • अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का थीम - उपसंहार।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर निबंध Essay on Women’s Day in Hindi

महिला दिवस पर निबंध, Essay on Women’s Day in Hindi 

प्रस्तावना / अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस “आईडबल्यूडी”जो की हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है। 

समाज में महिलाओं के योगदान और उपलब्धियों पर ध्यान केन्द्रित करने के लिये देश के विभिन्न क्षेत्रों में तथा पूरे विश्व भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। 

इसदिन महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाया जाता है। महिलाओं को समानता का अधिकार दिया जाए इसके प्रति जागरुक करने का प्रयास किया  जाता है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कब मनाया जाता है?

हर साल सम्पूर्ण विश्व में 08 मार्च को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ मनाया जाता है। 

विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है। 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का इतिहास

महिला दिवस को अंतर्राष्ट्रीय बनाने का विचार क्लारा ज़ेटकिन नामक महिला की देन है। 1910 में कोपेनहेगन में कामकाजी महिलाओं के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में क्लारा ज़ेटकिन ने इस विचार का सुझाव दिया। वहां 17 देशों की 100 महिलाएं थीं और वह सब सर्वसम्मति से उसके सुझाव पर सहमत हुए। उसके बाद, पहली बार 1911 में ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, जर्मनी और स्विटजरलैंड में महिला दिवस मनाया गया था। 

तत्पश्चात 1917 में रूस की महिलाओं ने, महिला दिवस पर रोटी और कपड़े के लिये हड़ताल पर जाने का फैसला किया। यह हड़ताल भी ऐतिहासिक थी क्यूंकि ज़ार ने सत्ता छोड़ी, अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिया। यही कारन है कि 08 मार्च अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा और आज भी मनाया जा रहा है।

संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक बनाने के लिए 1975 में 8 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की। संयुक्त राष्ट्र 1996 में इस दिन को नई थीम के साथ मनाया, पहली बार महिला दिवस की थीम "अतीत का जश्न, भविष्य के लिए योजना बनाना" थी।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस क्यों मनाया जाता है?

वर्ष 1910 के अगस्त महीने में, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के सालाना उत्सव को मनाने के लिये कोपेहेगन में द्वितीय अंतरराष्ट्रीय समाजवादी की एक मीटिंग जो अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन के द्वारा आयोजित की गई थी। 

अंतत: अमेरिकन समाजवादी और जर्मन समाजवादी लुईस जिएत्ज़ की सहायता के द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का वार्षिक उत्सव की स्थापना हुई। 

हालाँकि, उस मीटिंग में कोई एक तारीख तय नही हुई थी। सभी महिलाओं के लिये समानता के अधिकार को बढ़ावा देने के लिये इस कार्यक्रम को मनाने की घोषणा हुई। 

इसे पहली बार 19 मार्च 1911 में ऑस्ट्रीया, जर्मनी, डेनमार्क और स्वीट्ज़रलैंड के लाखों लोगों द्वारा मनाया गया था। विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम जैसे प्रदर्शनी, महिला परेड, बैनर आदि रखे गये थे। 

महिलाओं के द्वारा वोटिंग की माँग, सार्वजनिक कार्यालय पर स्वामित्व और रोजगार में लैंगिक भेद-भाव को समाप्त करना जैसे मुद्दे सामने रखे गये थे।

हर वर्ष फरवरी के अंतिम रविवार को राष्ट्रीय महिला दिवस के रुप में अमेरिका में इसे मनाया जाता था। फरवरी महीने के अंतिम रविवार को 1913 में रशियन (रुस की) महिलाओं के द्वारा इसे पहली बार मनाया गया था। 

1975 में सिडनी में महिलाओं (ऑस्ट्रेलियन बिल्डर्स लेबरर्स फेडरेशन) के द्वारा एक रैली रखी गयी थी। तत्पश्चात 1914 का अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्सव 8 मार्च को रखा गया था। 

तब से, 8 मार्च को सभी जगह इसे मनाने की शुरुआत हुई। वोट करने के महिला अधिकार के लिये जर्मनी में 1914 का कार्यक्रम खासतौर से रखा गया था। 

वर्ष 1917 के उत्सव को मनाने के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग की महिलाओं के द्वारा “रोटी और शांति”, रशियन खाद्य कमी के साथ ही प्रथम विश्व युद्ध के अंत की माँग रखी। 

धीरे-धीरे ये कई कम्युनिस्ट और समाजवादी देशों में मनाना शुरु हुआ जैसे 1922 में चीन में, 1936 से स्पैनिश कम्युनिस्ट आदि म मनाना शुरू होने लगा और आज पुरे विश्व भर यह दिवस महिला के सम्मान के प्रति बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस कैसे मनाया जाता है?

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक खास कार्यक्रम है जिसे लोगों के साथ ही व्यापार, राजनीतिक, समुदायिक, शिक्षण संस्थानों, आविष्कारक, टीवी व्यक्तित्व आदि महिला नेतृत्व के द्वारा 8 मार्च को मनाया जाता है। 

अन्य महिला अधिकारों को बढ़ावा देने वाली क्रिया-कलाप सहित नाश्ता, रात का भोजन, महिलाओं के मुद्दे, लंच, प्रतियोगी गतिविधि, भाषण, प्रस्तुतिकरण, चर्चा, बैनर, सम्मेलन, महिला परेड तथा सेमिनार जैसे विभिन्न प्रकार कार्यक्रम के आयोजन के द्वारा इसे मनाया जाता है। 

इसे पूरे विश्व भर में उनके अधिकार, योगदान, शिक्षा की महत्ता, आजीविका आदि के मौके के लिये महिलाओं के बारे में जागरुकता बढ़ाने के लिये मनाया जाता है। 

इस दिवस के अवसर पर महिला शिक्षिका को उनके विद्यार्थियों द्वारा, अपने बच्चों के द्वारा माता-पिता को, बहनों को भाईयों के द्वारा, पुत्री को अपने पिता के द्वारा, उपहार अर्थात गिफ्ट् दिया जाता है।

यह भी पढ़े 

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की थीम

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक खास थीम का इस्तेमाल कर हर वर्ष मनाया जाता है। 

साल 2022 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “‘Break the Bias’ "पूर्वाग्रह को खत्म करें" रखी गई है.

साल 2021 में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की थीम “Women in leadership: an equal future in a COVID-19 world” रखी गई है.

यह थीम कोरोना महामारी के दौरान श्रमिकों, इनोवेटर आदि के रूप में दुनिया भर में लड़कियों और महिलाओं के योगदान को रेखांकित करती है.

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 का विषय है, I am Generation Equality: Realizing Women’s Rights. और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2020 के लिए अभियान की थीम #EachforEqual है। 

1996 अतीत का जश्न, भविष्य के लिए योजना

1997 महिलाओं और शांति तालिका

1998 महिला और मानवाधिकार

1999 महिलाओं के खिलाफ हिंसा से मुक्त विश्व

2000 शांति के लिए एकजुट महिलाएं

2001 महिला और शांति: महिला का संघर्ष प्रबंधन

2002 आज की अफगान महिला: वास्तविकता और अवसर

2003 लिंग समानता और सहस्राब्दी विकास लक्ष्य

2004 महिला और एचआईवी/एड्स

2005 2005 के आगे लिंग समानता; अधिक सुरक्षित भविष्य का निर्माण

2006 निर्णय-लेने में महिलायें

2007 महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करना

2008 महिला और लड़कियों में निवेश

2009 महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए महिला और पुरुष एकजुट

2010 समान अधिकार, समान अवसर: सभी के लिए प्रगति

2011 शिक्षा, प्रशिक्षण एवं विज्ञान और प्रौद्योगिकी की समान पहुँच: महिलाओं के बेहतरी का मार्ग

2012 ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाना, गरीबी और भूखमरी का अंत

2013 वचन देना, एक वचन है: महिलाओं के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने के लिए कार्रवाई का समय

2014 महिलाओं के लिए समानता, सभी के लिए प्रगति है

2015 महिला सशक्तीकरण, ही मानवता सशक्तीकरण: इसे कल्पना कीजिये!

2016 2030 तक, ग्रह में सभी 50-50: लैंगिक समानता के लिए आगे आये।

2017 कार्य की बदलती दुनिया में महिलाएं: 2030 तक, ग्रह में सभी 50-50

2018 अब समय है: महिलाओं और महिलाओं के जीवन को बदलने वाले ग्रामीण और शहरी कार्यकर्ता अब हैं: ग्रामीण और शहरी कार्यकर्ता महिलाओं के जीवन को बदल रहे हैं

2019 समान सोचें, बिल्ड स्मार्ट, बदलाव के लिए नया करें

2020 मैं जनरेशन इक्वेलिटी: महिलाओं के अधिकारों को महसूस कर रही हूं

2021 नेतृत्व में महिलाएं; कोविड-19 दुनिया में एक समान भविष्य प्राप्त करना

उपसंहार

महिलाएँ समाज का मुख्य हिस्सा होती हैं तथा आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक क्रियाओं में एक बड़ी भूमिका निभाती हैं। 

महिलाओं की सभी उपलब्धियों की सराहना करने तथा उन्हें याद करने के लिये अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का उत्सव मनाया जाता है। 

एक समाजिक राजनैतिक कार्यक्रम के रुप में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उत्सव को मनाने की शुरुआत हुई। 

इस उत्सव को मनाने के दौरान मातृ दिवस और वैलेंटाईन दिवस के उत्सव की तरह महिलाओं की ओर पुरुष अपना प्यार, देख-भाल, सराहना और लगाव को ज़ाहिर करते हैं। 

अपने अनमोल योगदान के लिये महिला संघर्ष की ओर राजनीतिक और सामाजिक जागरुकता को मजबूत करने के लिये वर्ष के खास विषय और पूर्व योजना के साथ हर वर्ष इसे बड़े प्यार और सम्मान के साथ मनाया जाता है।

उपर्युक्त निबंध का अंत मैं जयशंकर प्रसाद की एक ख़ूबसूरत कविता के माध्यम से करना चाहूंगी

नारी तुम केवल श्रद्धा हो

विश्वास-रजत-नग-पगतल में

पियूष-स्त्रोत सी बहा करो

जीवन के सुन्दर समतल में

सोर्स :

"International Women's Day" United Nations

International Women's Day 2018"

International Women's Day 2022 Theme 

आज आपने क्या सीखा

मुझे पूरी उम्मीद है कि मैंने आपको "अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर निबंध Essay on Women’s Day in Hindi " के बारे में सारी जानकारी दी है? और मुझे आशा है कि आप इसके बारे में समझ गए होंगे।

आप सभी पाठकों से आग्रह है कि इस जानकारी को अपने आस-पड़ोस, रिश्तेदारों, अपने दोस्तों के साथ साझा करें, जिससे हमारे बीच जागरूकता आएगी और इससे सभी को बहुत फायदा होगा। मुझे आपके सहयोग की आवश्यकता है ताकि मैं आपके लिए और भी नई जानकारी ला सकूं।

मेरी हमेशा से यही कोशिश रहती है कि हमेशा अपने पाठकों की मदद की जाए, अगर आप लोगों को किसी भी तरह का कोई संदेह हो तो आप बेझिझक मुझसे पूछ सकते हैं. मैं उन शंकाओं का समाधान खोजने की कोशिश करने जा रहा हूं।

आपको इस लेख "अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर निबंध Essay on Women’s Day in Hindi " में कोई त्रुटि लगी हो तो, कृपया हमें कमेंट करके बताएं ताकि हम भी आपके विचारों से कुछ सीख सकें और कुछ सुधार कर सकें। 

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