कौन हैं सतोशी नाकामोतो ? बिटकॉइन के अविष्कारक Satoshi Nakamoto meaning, Real identity and net worth in hindi

बिटकॉइन के अविष्कारक सतोशी नाकामोतो कौन है Satoshi Nakamoto meaning, his real identity and net worth in hindi

सतोशी नाकामोतो के बारे में हम बहुत कुछ नहीं जानते हैं - लेकिन क्या बिटकॉइन के अविष्कारक को बेनकाब करना भी मायने रखता है? 

कौन हैं सतोशी नाकामोतो  ? बिटकॉइन के अविष्कारक Satoshi Nakamoto meaning, Real identity and net worth in hindi

बिटकॉइन का नाम तो आपने सुना ही होगा, ऑनलाइन ट्रेड करने वाले लोग इसे अच्छी तरह जानते हैं। अगर आपको पता नहीं तो बता दें कि बिटकॉइन दुनिया की सबसे बड़ी और लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी है। बिटकॉइन की कीमतें हाल ही में काफी उछाल आया था जिसके चलते रातों-रात कई लोग लखपति बन गए थे। क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के उच्चतम कीमत की बात करें तो यह 64 हजार डॉलर तक पहुंचा था, लेकिन वर्तमान में एक बिटकॉइन की कीमत 42700 डॉलर के आसपास है। बिटकॉइन का जन्मदाता सतोशी नाकामोतो को माना जाता है।

सतोशी नाकामोतो को एक अज्ञात व्यक्ति माना जा रहा है जिसने डिजिटल मुद्रा यानि कि बिटकॉइन की खोज की थी. इतना ही नहीं लोगों का ये तक दावा है, कि इस नाम का उपयोग किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा किया गया है. जिसका असली नाम किसी को भी पता नहीं है. फिलहाल 5 अप्रैल सन् 1975 को ही सतोशी नाकामोतो का जन्म होनें का दावा किया गया है. इनका जन्म जापान में हुआ था. सूत्रों की माने तो इन्होंने ना केवल बिटकॉइन बल्कि क्रिप्टोग्राफी के क्षेत्र में भी कई खोज की हैं. कौन है सतोशी नाकामोतो?, ये रहस्य कई सालों से अनसुलझा पड़ा है, जिसके कुछ तथ्य अभी हाल में ही सामने आए हैं. कहा जा रहा है कि ये अमेरिका में रह रहे है. इन्होंने ब्लॉकचैन डेटाबेस का सर्वप्रथम निर्माण किया है. ऐसा लोगों का दावा है कि नाकामोतो बिटकॉइन को विकसित करने में दिसम्बर 2010 से ही लगे हुए हैं.

सतोशी नाकामोतो हो सकते हैं दुनिया के सबसे रईस शख्स

सतोशी नाकामोतो जापान के रहने वाले हैं और ऐसा कहा जा रहा है कि अगर बिटकॉइन की कीमतें बढ़ीं तो वह दुनिया से सबसे अमीर शख्स बन सकते हैं। वर्तमान में विश्व के सबसे रईस व्यक्ति ऐमजॉन के फाउंडर जेफ बेजोस हैं, जिनकी नेटवर्थ 181.6 अरब डॉलर है। वहीं दूसरे नंबर पर टेस्ला के सीईओ एलन मस्क का नाम आता है। मस्क की नेटवर्थ 163.7 अरब डॉलर है। अब जेफ और मस्क को बिटकॉइन क्रिएटर सतोशी नाकामोतो टक्कर दे सकते हैं।

2009 में हुई थी बिटकॉइन के पहले ब्लॉक की ढलाई

दरअसल, अक्टूबर 2008 में सतोशी नाकामोतो पब्लिक एमआईटी लाइसेंस के तहत बिटकॉइन वाइटपेपर जारी किया था। इसके बाद 3 जनवरी, 2009 को बिटकॉइन के पहले ब्लॉक की ढलाई की गई थी। बिटकॉइन नेटवर्क के लॉन्च की औपचारिक शुरुआत भी यहीं से माना जाता है। बिटकॉइन जैसी वर्चुअल करेंसी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर और निवेश में गजब की क्रांति लाने में सफल रहा, अब इसकी कीमत आसमान छू रही है।

जेफ बेजोस से अधिक होगी नाकामोतो की नेटवर्थ

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अगर बिटकॉइन की कीमत 182,000 डॉलर तक पहुंचती है तो सतोशी नाकामोतो दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन सकते हैं। माना जाता है कि सतोशी नाकामोतो ने जुलाई 2009 के बीच 10 लाख से अधिक बिटकॉइन ढाले थे, 2010 के एक रिसर्च के मुताबिक नाकामोतो के पास अभी भी 10 लाख वर्चुअल करेंसी है। अगर इसकी कीमत 182,000 डॉलर पहुंचती है तो नाकामोतो की नेटवर्थ जेफ बेजोस से भी अधिक यानी 182 अरब डॉलर पहुंच जाएगी।

पहचान का दावा करने के पीछे का कारण

नाकामोतो अधिकतर टॉर ब्राउज़र के जरिये एक मुफ्त मेल अकाउंट से सक्रिय हुआ करते हैं, इनका अकाउंट gmax.com पर पाया गया था. टॉर एक ऐसा ब्राउज़र है जिसकी मदद से आप किसी भी सर्वर से जुड़कर,  अपना आईपी एड्रेस छुपा सकते है. जिससे आपकी लोकेशन को ढूढ़ पाना लगभग नामुमकिन सा हो जाता है. उनके द्वारा भेजे गए संदेशों के जरिये उनका पता लगाने की कई बार कोशिश की जा चुकी है. कई वैज्ञानिकों ने इनको अच्छा और विचित्र कोडर बताया है. कुछ वैज्ञानिकों ने इसके कुछ संदेशों को डिकोड किया था, जिसके चलते इनकी अमेरिका या यूरोप में होने की आशंका की जा रही है.

कौन हो सकता है नाकामोतो (Who is Satoshi Nakamoto and what is his real identity in hindi)

  1. वैसे तो नाकामोतो के होने के कोई भी पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन कुछ लोगों के द्वारा अनुमान जरूर लगाया गया है. न्यूयोर्क में रहनेवाले जोशुआ डेविस का मानना है कि नाकामोतो डबलिन के ट्रिनिटी कॉलेज से स्नातक पास करने वाला छात्र है, जिसने क्रिप्टोग्राफ़ी के क्षेत्र में ही डिग्री हासिल की थी.
  2. इसी तरह का शक एक जाने माने गेम बनाने वाले विल्ली लेहदोनविरता नामक शख्स पर गया था, जिसके लिए 80000 शब्दों को नाकामोतो की ऑनलाइन राइटिंग से मिलाकर देखा गया था. अन्तः दोनों के लिखने का तरीका एक जैसा पाया गया था, लेकिन बाद में इन्होंने और जोशुआ डेविस ने सन् 2013 में वेब सबमिट के दौरान बिटकॉइन का निर्माता होने से साफ इंकार कर दिया था.
  3. मार्टी मालमी एक ऐसा सख्स है जिसने बिटकॉइन के सॉफ्टवेयर का यूजर इंटरफेस बनाया था. फिलहाल ये फ़िनलैंड में रहता है, बिटकॉइन की शुरूआत होनें से लेकर अब तक जुड़े होने की वजह, इनके नाकामोतो होने की सम्भावना व्यक्त करती है.

नाकामोतो की जापान के होने की सम्भावना

जब पहली बार बिटकॉइन की वेबसाइट (bitcoin.org) को रजिस्टर किया गया था, उसमें जापान की आईएसपी (इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर) होस्टिंग का इस्तेमाल किया गया था. इस वजह से नाकामोतो के जापान में होने की सम्भावना की जा रही है, हालाँकि बाद में 8 मई सन् 2013 को फिनलैंड में इसकी होस्टिंग को ट्रांसफर किया गया था.

सरकारी एजेंसी होने का दावा

एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकन एजेंसी सीआईए को नाकामोतो होने की सम्भावना की जा रही है. इसकी जानकारी सबसे पहले सन् 2013 में प्रकाशित एक लेख में दी गयी थी. जिसके बाद सतोशी के किसी सरकार से जुड़े होने का शक भी गहरा होने लगा था. सेंट्रल एजेंसी के साथ-साथ एफबीआई पर भी एक बार नाकामोतो होने की अफवाह उड़ी थी.

सतोशी का मतलब क्या है? (Satoshi meaning)

सतोशी नाम रखने के पीछे क्या कारण है? आखिर क्या है इसके पीछे का सच?, इन सवालों का जवाब एकदम सही-सही बता पाना मुश्किल है. लेकिन सम्भावना की जा रही है कि इसके अर्थ में ही इसका कारण छिपा हुआ है. सतोशी का मतलब होता है “आजादी” या “वजह”. मतलब साफ है नाकामोतो ने इसकी खोज किसी वजह से ही की है. जिसकी एक वजह तो साफ नजर आती है, पियर टू पियर कैश का लेनदेन करने की. पियर टू पियर का मतलब है, बिना किसी तीसरी पार्टी (बैंक इत्यादि) के सीधे तौर पर दो व्यापारियों का इंटरनेट से पैसों का स्थानांतरण करना.

नाकामोतो के पास कितना है पैसा? (Satoshi Nakamoto net worth)

सूत्रों की बात की जाए तो नाकामोतो ने 24 मई 2017 को लगभग 1 लाख बिटकॉइन को खरीदा था. जिसकी कीमत अमरीकी डॉलर में 15.5 अरब डॉलर की लगायी जा रही है. इस हिसाब से नाकामोतो के पास अनगिनत संपत्ती होने की संभावना है.

वर्तमान में क्या कर रहा है सतोशी नाकामोतो

इसके बारे में तो कोई नहीं जानता कि इस समय नाकामोतो किस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं, लेकिन इनके एक मेल के अनुसार उसने एक सॉफ्टवेयर निर्माता गेविन को जानकारी दी थी. जिसमें उसने कहा था कि “मैं अब दूसरे प्रोजेक्ट की तरफ ध्यान दे रहा हूँ और अपनी साइट गेविन और टीम के लिए छोड़ रहा हूँ, मुझे लगता है तुम लोग भी अच्छे से संभाल लोगे”.

एक बिटकॉइन में सतोशी की संख्या (How many Satoshis are in a Bitcoin)

सतोशी को बिटकॉइन की सबसे छोटी इकाई माना गया है, 1 बिटकॉइन 8 दशमलव तक भाज्य होती है, मतलब इसको 1000000000 हिस्सों में बांटा जा सकता है. अर्थात 1 बिटकॉइन में 0.0000000001 सतोशी होते हैं.

बिटकॉइन की खोज (Development of bitcoin)

सबसे पहले बिटकॉइन बनाने की शुरुआत सन् 2007 में की गई थी, इस बात को खुद सतोशी नाकामोतो ने बताया था. लेकिन इसको सबसे पहले अक्टूबर 2008 में इसका वाइट पेपर metzdowd.com नामक वेबसाइट पर क्रिप्टोग्राफ़ी मेलिंग लिस्ट के जरिए प्रकाशित किया गया था. नाकामोतो का लक्ष्य अपने साथ और भी डेवलपर को जोड़ना था, इसके लिए इन्होंने 9 जनवरी सन् 2009 में अपना पहला सॉफ्टवेयर लॉन्च किया था, जो सोर्सफॉरगे नामक वेबसाइट पर अपलोड किया गया था. इसका वर्जन 0.1 था, एवं इसकी पहली क्रिप्टोकोर्रेंसी इकाई को बिटकॉइन नाम दिया गया था.

बिटकॉइन क्या है? (what is bitcoin)

बिटकॉइन एक डिजिटल मुद्रा है. जिसका किसी भी देश की सरकार से या उसकी करेंसी से किसी प्रकार का सीधा सम्बन्ध नहीं है, हालांकि इसको दूसरे पैसों से बदला जा सकता है. इसकी सहायता से आप अपने सॉफ्टवेयर एवं इलेक्ट्रॉनिक व्यापार को तेजी दे सकते हैं, वो भी एक गणित की समस्याएं हल करने वाले सॉफ्टवेयर के जरिये, यह विश्व की पहली सबसे तेजी से बाजार में जगह बनाने वाली क्रप्टोकरेंसी है. बिटकॉइन को खरीदने और इसको अपने पास रखने के लिए इसका एक वॉलेट भी है. जिसको आप अपने मोबाइल या अपने कंप्यूटर की मदद से संचालित कर सकते हैं.

वर्तमान समय में बिटकॉइन की यूएस डॉलर कीमत क्या है

आज दिनाँक ०१ Aug  2021 को coinmarketplace के अनुसार बिटकॉइन की कीमत 41700 डॉलर है, अगर इसको भारतीय रुपय में देखा जाये तो 3157000  रु की है. तत्काल सूत्रों की खबर के मुताबिक भारत में भी इसका बाजार बनता जा रहा है. लोग इसको खरीदने में रूचि ले रहे हैं.

Source : Deepawali.co.in

निष्कर्ष

नाकामोतो की एक पोस्ट के अनुसार उन्होंने दावा किया है, कि उनको और उनकी संस्था के लोगों को टीवी चैनल, अखबार में आने की कोई जरुरत नहीं है. वो हमेशा गुमनाम ही रहना चाहते है. अर्थात निष्कर्ष निकाला जाय तो अभी तक कोई भी सटीक सबूत नहीं मिले हैं, जिससे नाकामोतो की सच्ची पहचान हो सके.

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