पंचायती राज दिवस कब और क्यों मनाया जाता है ? National Panchayati Raj Day

National Panchayati Raj Day (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस) | पंचायती राज दिवस कब मनाया जाता है ? पंचायती राज दिवस क्यों मनाया जाता है ? पूरी जानकारी National Panchayati Raj Day 24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

पंचायती राज व्यवस्था

पंचायती राज व्यवस्था में ग्राम, तहसील, तालुका और ज़िला आते हैं। भारत में प्राचीन काल से ही पंचायती राजव्यवस्था अस्तित्व में रही है, भले ही इसे विभिन्न नाम से विभिन्न काल में जाना जाता रहा हो। पंचायती राज व्यवस्था को कमोबेश मुग़ल काल तथा ब्रिटिश काल में भी जारी रखा गया। 

ब्रिटिश शासन काल में 1882 में तत्कालीन वायसराय लॉर्ड रिपन ने स्थानीय स्वायत्त शासन की स्थापना का प्रयास किया था, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान भी संघर्षरत लोगों के नेताओं द्वारा सदैव पंचायती राज की स्थापना की मांग की जाती रही।

पंचायती राज दिवस कब मनाया जाता है ?

प्रत्येक साल 24 अप्रैल को पूरे देश में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है. ये दिन भारतीय संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम, 1992 के पारित होने का प्रतीक है, जो 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ था. इस दिन को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत साल 2010 से हुई थी.

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस अथवा राष्ट्रीय स्थानीय स्वशासन दिवस का आयोजन किया जाता है। देश में पहली बार अप्रैल 2010 में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस या राष्ट्रीय स्थानीय सरकार दिवस मनाया गया था।

पंचायती राज दिवस कब और क्यों मनाया जाता है

इस काम के लिए बलवंत राय मेहता की अध्यक्षता में 1957 में एक समिति का गठन किया गया था. समिति ने अपनी सिफारिस में जनतांत्रिक विकेंद्रीकरण की सिफारिश की जिसे पंचायती राज कहा गया है. साल 1992 को संविधान में 73वां संशोधन कर पहली बार पंचायती राज संस्थान की पेशकश की गई.

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मुख्य बिंदु 

विवरण'राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस' भारत में प्रत्येक वर्ष 24 अप्रॅल को मनाया जाता है।
शुरुआतवर्ष 2010
तिथि24 अप्रैल

♦️पंचायती राज दिवस मनाने का मुख्य कारण

भारत में पंचायती राज व्यवस्था की देखरेख के लिए 27 मई 2004 को पंचायती राज मंत्रालय को एक अलग मंत्रालय बनाया गया. भारत में प्रत्येक साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है. इस दिवस को मनाने का मुख्य कारण 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 है जो 24 अप्रैल 1993 से लागू हुआ था. 

पंचायत राज का इतिहास:

24 अप्रैल 1993 को देश में ज़मीनी स्‍तर पर सत्‍ता के विकेन्‍द्रीकरण के इतिहास का सबसे महत्‍वपूर्ण दिन माना जाता है क्योंकि इसी दिन संविधान (73 वां संशोधन) अधिनियम 1992 के जरिए पंचायती राज व्‍यवस्‍था लागू हुई थी। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा हर साल 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (NPRD) के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इस तारीख को 73 वां संवैधानिक संशोधन लागू हुआ था। राजस्थान पहला राज्य था जिसने 1959 में दिवंगत प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समय में पंचायती राज व्यवस्था लागू किया था।

पंचायती राज की भूमिका

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी कहते थे कि अगर देश के गांवों को खतरा पैदा हुआ तो भारत को खतरा पैदा हो जाएगा। उन्होंने मजबूत और सशक्त गांवों का सपना देखा था जो भारत के रीढ़ की हड्डी होती। उन्होंने ग्राम स्वराज का कॉन्सेप्ट दिया था। उन्होंने कहा था कि पंचायतों के पास सभी अधिकार होने चाहिए। गांधीजी के सपने को पूरा करने के लिए 1992 में संविधान में 73वां संशोधन किया गया और पंचायती राज संस्थान का कॉन्सेप्ट पेश किया गया। इस कानून की मदद से स्थानीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा शक्तियां दी गईं। उनको आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की शक्ति और जिम्मेदारियां दी गईं।

पंचायती राज कैसे चलता है?

शुरुआती दिनों में एक सरपंच गांव का सर्वाधिक सम्मानित व्यक्ति होता था। हर कोई उसकी बात सुनता था। यानी गांव के स्तर पर सरपंच में ही सारी शक्तियां होती थीं। लेकिन अब ग्राम, ब्लॉक और जिला स्तरों पर चुनाव होता है और प्रतिनिधियों को चुना जाता है। अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति एवं महिलाओं के लिए पंचायत में आरक्षण होता है। पंचायती राज संस्थानों को कई तरह की शक्तियां दी गई हैं ताकि वे सक्षम तरीके से काम कर सकें।

National Panchayati Raj Day | राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस उपयोगी जानकारी 

♦️National Panchayati Raj Day 24 अप्रैल राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस

♦️पहला राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2010 में मनाया गया था

♦️जनवरी 1957 में बलवंत राय मेहता समिति की अध्यक्षता के सिफारिश पर पंचायती राज व्यवस्था की स्थापना कीया गया

♦️73 वें संशोधन 1992 ने संविधान में एक नया भाग IX जोड़ा, जिसका शीर्षक "पंचायतों" जिसमें अनुच्छेद 243 से 243 (O) तक के प्रावधान शामिल हैं

♦️3 स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था

  1. ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत
  2. ब्लॉक स्तर पर पंचायत समिति
  3. जिला स्तर पर जिला परिषद

♦️पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 2 अक्टूबर, 1959 में राजस्थान के नागौर में पंचायती राज व्यवस्था का विधिवत उद्घाटन किया।

♦️राजस्थान के नागौर देश का पहला राज्य बना जहां पंचायती राज को लागू किया गया।

🔶 Panchayati Raj Minister - Narendra Singh Tomar, Consitituency - Morena MP

♦️वर्तमान में पंचायती राज व्यवस्था मेघालय नागालैंड और मिजोरम को छोड़कर सभी राज्यों और दिल्ली को छोड़कर सभी केंद्र शासित प्रदेशों में मौजूद है।

Source : navbharattimes, adda247,  bharatdiscovery, विकिपीडिया 

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