-->

विशाखापट्टनम गैस रिसाव त्रासदी: जाने क्या है Styrene Gas और इसके प्रभाव

Visakhapatnam Gas Leak Tragedy: आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में स्थित एलजी पॉलिमर प्लांट से स्टीरीन गैस रिसाव की दुर्घटना सामने आई है। ये प्लांट विशाखापट्टनम के तटीय शहरी इलाके से लगभग 15 किमी दूर स्थित है। रिसाव का कारण स्टोरेज टैंक के अंदर तापमान में हुए परिवर्तन को बताया जा रहा है।
Styrene Gas

इस रिसाव के कारण लगभग 5 गाँव प्रभावित हुए। गैस के 3 किमी के दायरे में फैलने की वजह से 5 गांवों और लगभग 3000 से अधिक लोग प्रभावित हुए है। सूत्रों के अनुसार, 7 मई गुरुवार की सुबह करीब 2 बजे गैस रिसाव हुआ, जिसके बाद यह संयंत्र के पास स्थित आरआर वेंकटपुरम के आसपास के लगभग 5 गांवों में फैल गई है।

स्टीरीन गैस के बारे में:

  • स्टीरीन एक रासायनिक यौगिक है जिसे न्यूरो-टॉक्सिन्स के नाम से भी जाना जाता है.
  • इसके अलावा इसे एथेनिलबेनज़ीन, विनालेनबेन्ज़िन और फिनाइलफ्राइन के रूप में भी जाना जाता है.
  • स्टीरीन गैस का रासायनिक सूत्र C6H5CH = CH2 है.
  • स्टीरीन गैस अत्यधिक ज्वलनशील कच्चे माल स्टीरीन का उप-उत्पाद है.
  • स्टीरीन के जलने से निकलने वाली गैस हवा में जहरीली होती है। रासायनिक गुणों के अनुसार, स्टाइरीन गैस हल्के रंग-कम और हल्की गंध वाला रसायन है.

स्टीरीन गैस का स्वास्थ्य पर प्रभाव:

  • स्टीरीन गैस श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है.
  • इससे छाती में दर्द, हांफना, ऑक्सीजन की कमी और घरघराहट होती है.
  • यह धीरे-धीरे फेफड़ों की मांसपेशियों की चलन प्रक्रिया को पूरी तरह रोक देती है, जिसकी वजह से ऑक्सीजन की कमी के कारण मृत्यु हो जाती है.
  • स्टीरीन गैस के 10 मिनट तक के निरंतर संपर्क में रहने से मृत्यु हो सकती है.
उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
  • आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री: वाई.एस.जगनमोहन रेड्डी.
  • आंध्र प्रदेश के राज्यपाल: बिस्वा भूषण हरिचंदन.

You may like these posts

Post a Comment