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कहानी इतिहास की महामारियों की | 2 हजार सालों में कोरोना 17वीं ऐसी बीमारी | History of Epidemics in world

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कहानी इतिहास की महामारियों की / 2 हजार सालों में कोरोना 17वीं ऐसी बीमारी, जिसमें एक लाख से ज्यादा मौतें हुईं.

  • 1347 में दुनिया में ब्लैक डेथ यानी प्यूबोनिक प्लेग बीमारी आई थी, इसमें सबसे ज्यादा 20 करोड़ लोग मारे गए थे
  • 1817 में भारत से कॉलरा महामारी फैली थी, ये बीमारी अभी तक है, इससे हर साल दुनिया में 1.5 लाख मौतें होती हैं

महामारी क्या होती है? (What is an Epidemic)
जब किसी रोग का प्रकोप सामान्य की अपेक्षा पहले की अपेक्षा बहुत अधिक होता तो उसे महामारी (epidemic) कहते हैं. महामारी किसी एक स्थान, क्षेत्र या जनसंख्या के भूभाग पर सीमित होती है. यदि कोई बीमारी दूसरे देशों और दूसरे महाद्वीपों में भी फ़ैल जाए तो उसे पैनडेमिक (pandemic) कहते हैं. WHO ने अब कोरोना वायरस को पैनडेमिक यानी महामारी घोषित कर दिया है.
आसान शब्दों में पैनडेमिक उस बीमारी को कहा जाता है जो एक ही समय दुनिया के अलग-अलग देशों में लोगों में फैल रही हो. 

भास्कर रिसर्च. दुनियाभर में तबाही मचा रहे कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या 1 लाख के पार पहुंच गई है। इंसान ने जब से तारीखों का हिसाब रखना शुरू किया है, यानी जीरो एडी (0 AD) से अब तक इन 2 हजार सालों में 20 बड़ी महामारियां फैल चुकी हैं। इनमें कोरोना 17वीं ऐसी महामारी है, जिसमें मौतों का आंकड़ा 1 लाख के ऊपर चला गया है। इतिहास में जाएं तो पहली बार साल 165 में महामारी फैली थी। उस समय एन्टोनाइन प्लेग नाम की महामारी एशिया, मिस्र, यूनान (ग्रीस) और इटली में फैली थी। इससे 50 लाख के आसपास लोगों की मौत हुई थी।

एन्टोनाइन प्लेग पर ये तस्वीर फ्रांसीसी चित्रकार जे. डेलुनॉय (1828-2891) ने बनाई थी। इस बीमारी से रोम में रोजाना 2 हजार लोगों की जान गई थी। फोटो क्रेडिट :fineartamerica.com

जस्टिनियन प्लेग
साल : 541-542
मौतें : 5 करोड़

उसके बाद जो महामारी फैली थी, उसका नाम था- जस्टिनियन प्लेग। ये महामारी साल 541-542 में एशिया, उत्तरी अफ्रीका, अरेबिया और यूरोप में फैली थी। लेकिन, इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी रोमन साम्राज्य बाइजेंटाइन पर हुआ था। 1500 साल पहले फैली इस महामारी से 5 करोड़ लोगों की जान चली गई थी। ये उस समय की दुनिया की कुल आबादी का आधा हिस्सा था। यानी एक साल के अंदर दुनिया की आधी आबादी खत्म हो गई थी। ये बीमारी इतनी खतरनाक थी कि इसने बाइजेंटाइन साम्राज्य को खत्म कर दिया था।

जस्टिनियन प्लेग पर ये तस्वीर इटली के चित्रकार फ्रा एंजेलिको (1395-1455) ने बनाई थी। इसमें सेंट कॉस्मॉस और सेंट डेमियन जस्टिनियन प्लेग से पीड़ित मरीज का इलाज करते दिख रहे हैं। फोटो क्रेडिट : www.medievalists.net

द ब्लैक डेथ
साल : 1347-1351
मौतें : 20 करोड़

जस्टिनियन प्लेग के बाद सन् 1347 से 1351 के बीच एक बार फिर प्लेग फैला। इसे 'द ब्लैक डेथ' नाम दिया गया। इसका सबसे ज्यादा असर यूरोप और एशिया में हुआ था। ये प्लेग चीन से फैला था। उस समय ज्यादातर कारोबार समुद्री रास्तों से ही होता था और समुद्री जहाजों पर चूहे भी रहते थे। इन्हीं चूहों से मक्खियों के जरिए ये बीमारी फैलती गई। ऐसा कहा जाता है कि इस बीमारी से अकेले यूरोप में इतनी मौतें हुई थीं कि उसे 1347 से पहले के पॉपुलेशन लेवल पर पहुंचने पर 200 साल लग गए थे।

14वीं सदी में फैली ब्लैक डेथ बीमारी पर ये तस्वीर डच आर्टिस्ट पीटर ब्रूजेल द एल्डर ने 1562 में बनाई थी। फोटो क्रेडिट : wikipedia

स्मॉलपॉक्स
साल : 1492 से अब तक
मौतें : 5.5 करोड़+

1492 में यूरोपियन्स अमेरिका पहुंचे। उनके आते ही अमेरिका में स्मॉलपॉक्स यानी चेचक नाम का संक्रमण फैल गया। ये बीमारी इतनी खतरनाक थी कि इससे संक्रमित लोगों में 30% की जान चली गई थी। उस समय इस संक्रमण ने करीब 2 करोड़ लोगों की जान ली थी, जो उस समय अमेरिका की कुल आबादी का 90% हिस्सा थी। इससे यूरोपियन्स को फायदा हुआ। उन्हें अमेरिका में खाली जगहें मिल गईं। उन्होंने यहां अपने कॉलोनियां बसाना शुरू किया। स्मॉलपॉक्स अभी भी फैल रही है और एक अनुमान के मुताबिक, इससे अब तक 5.5 करोड़ लोगों की जान जा चुकी है।

1492 में क्रिस्टोफर कोलंबस ने अमेरिका की खोज की थी। उसके साथ ही यूरोपीय अमेरिका आए और उनके साथ स्मॉलपॉक्स बीमारी आई। इस बीमारी से इतने अमेरिकी मरे थे, जिससे ग्लोबल कूलिंग की समस्या आ गई थी। फोटो क्रेडिट : newyorktimes

कॉलरा
साल : 1817 से अब तक
मौतें : 10 लाख+

19वीं सदी में एक ऐसी बीमारी भी थी, जो भारत से ही जन्मी थी। इस बीमारी का नाम था- कॉलरा यानी हैजा। ये बीमारी गंगा नदी के डेल्टा के जरिए एशिया, यूरोप, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका में भी फैल गई थी। गंदा पानी पीना, इस बीमारी का कारण था। इस बीमारी की वजह से उस समय 10 लाख से ज्यादा मौतें हुई थीं। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, अभी भी हर साल 13 लाख से 40 लाख के बीच लोग इस बीमारी की चपेट में आते हैं। जबकि, हर साल 1.5 लाख तक मौतें हो इस बीमारी से हो रही है।

कोलरा से बचाव के लिए अमेरिकी सरकार ने 1832 में एक नोटिस जारी किया था। इस नोटिस को हर शहर की दीवार पर चिपकाया गया था। फोटो क्रेडिट : wikipedia

स्पैनिश फ्लू
साल : 1918-19
मौतें : 5 करोड़

1918-19 में फैली स्पैनिश फ्लू महामारी पिछले 500 साल के इतिहास की सबसे खतरनाक महामारी थी। ये बीमारी कहां से फैली? इस बारे में अभी तक पता नहीं चला है। अनुमान लगाया जाता है कि इस महामारी से दुनिया की एक तिहाई आबादी या 50 करोड़ लोग संक्रमित हुए थे। दुनियाभर में इससे 5 करोड़ मौतें हुई थीं। अकेले भारत में ही इससे 1.7 करोड़ से ज्यादा लोग मारे गए थे। इस महामारी में ठीक होने के चांस सिर्फ 10 या 20% ही थे। ये बीमारी इतनी अजीब थी कि इसकी वजह से सबसे ज्यादा मौतें स्वस्थ लोगों की हुई थी। स्पैनिश फ्लू से सबसे ज्यादा मौतें 20 से 40 साल की उम्र के लोगों की हुई थी।

स्पैनिश फ्लू वर्ल्ड वॉर-1 के बाद फैली थी। माना जाता है कि वर्ल्ड वॉर के समय सैनिक जिन बंकरों में रहते थे, वहां गंदगी थी। जिससे ये बीमारी सैनिकों में फैली। उसके बाद सैनिक जब अपने-अपने देश लौटे, तो उससे बीमारी सब जगह फैल गई। फोटो क्रेडिट : cdc.gov

स्पैनिश फ्लू के बाद कोरोना चौथा सबसे खतरनाक फ्लू
1) एशियन फ्लू या एच2एन2 वायरस
साल : 1957-58
मौतें : 11 लाख

ये बीमारी फरवरी 1957 में हॉन्गकॉन्ग से शुरू हुई थी। क्योंकि ये बीमारी पूर्वी एशिया से निकली थी, इसलिए इसे एशियन फ्लू भी कहा गया। कुछ ही महीनों में कई देशों में फैल गई।

ये तस्वीर 16 अगस्त 1957 की है। इसमें एक डॉक्टर नर्स को एशियन फ्लू का पहला वैक्सीन दे रहा है। फोटो क्रेडिट : news-decoder.com

2) हॉन्गकॉन्ग फ्लू या एच3एन2 वायरस
साल : 1968-70
मौतें : 10 लाख

पहली बार ये बीमारी सितंबर 1968 में अमेरिका में रिपोर्ट हुई थी। इस वायरस से मरने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 65 साल से ज्यादा थी। इसकी चपेट में ज्यादातर वही लोग आए थे, जिन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी थी।

ये तस्वीर जुलाई 1968 में ली गई थी। इस तस्वीर में हॉन्गकॉन्ग की एक क्लीनिक के बाहर मरीज अपनी बारी का इंतजार करते दिख रहे हैं। फोटो क्रेडिट : scmp.com

3) स्वाइन फ्लू या एच1एन1 वायरस
साल : 2009
मौतें : 5.5 लाख+

इस वायरस को भी सबसे पहले अमेरिका में ही रिपोर्ट किया गया था और कुछ ही समय में ये दुनियाभर में फैल गया था। इससे मरने वाले 80% लोग ऐसे थे, जिनकी उम्र 65 साल से ज्यादा थी।

तस्वीर 20 दिसंबर 2009 की है। इस तस्वीर में व्हाइट हाउस की नर्स उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को एच1एन1 की वैक्सीन दे रही है। फोटो क्रेडिट : whitehouse

4) कोरोनावायरस या कोविड-19
साल : 2019
मौतें : 1 लाख+

कोरोनावायरस या कोविड-19 चीन के वुहान शहर से शुरू हुआ। पहली बार 8 दिसंबर 2019 को इससे संक्रमित पहला मरीज मिला था। 13 मार्च 2020 को डब्ल्यूएचओ ने इसे महामारी घोषित किया। कोरोना अब तक दुनिया के 200 देशों में फैल चुका है। इससे अब तक 1 लाख से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं।

ये तस्वीर वुहान के सीफूड मार्केट की है। अभी तक यही माना जा रहा है कि कोरोनावायरस इसी मार्केट से निकला। कोरोना से पीड़ित पहली मरीज यहीं पर दुकान लगाती थी। फोटो क्रेडिट : scmp.com
दो हजार साल में फैलीं 20 बड़ी महामारियां, इनमें 40 करोड़ से ज्यादा जानें गईं
बीमारी
टाइम पीरियड
मौतें
एन्टोनाइन प्लेग
165-180
50 लाख
जापानी स्मॉलपॉक्स
735-737
10 लाख
जस्टिनियन प्लेग
541-542
5 करोड़
ब्लैक डेथ
1347-1351
20 करोड़
स्मॉलपॉक्स
1492 से अभी तक
5.6 करोड़
इटैलियन प्लेग
1629-1631
10 लाख
ग्रेट प्लेग ऑफ लंदन
1665
1 लाख
यलो फीवर
1790 से अभी तक
1.50 लाख+
कोलरा
1817 से अभी तक
10 लाख+
थर्ड प्लेग
1885
1.20 करोड़
रशियन फ्लू
1889-1890
10 लाख
स्पैनिश फ्लू
1918-1919
5 करोड़
एशियन फ्लू
1957-1958
11 लाख
हॉन्गकॉन्ग फ्लू
1968-1970
10 लाख
एचआईवी एड्स
1981 से अभी तक
3.5 करोड़+
स्वाइन फ्लू
2009-10
5.5 लाख+
सार्स
2002-2003
770
इबोला
2014-16
11 हजार
मर्स
2015 से अभी तक
850
कोविड-19
2019 से अभी तक
1 लाख+
(ये स्टोरी नेशनल जियो ग्राफिक, अमेरिका के सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेन्शन, visualcapitalist.comऔर मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है)
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