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World Consumer Rights Day Essay in Hindi | 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर निबंध

World Consumer Rights Day 2020: जागो ग्राहक जागो, विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस पर जानें अपने अधिकार 

हम में से हर व्यक्ति किसी न किसी रूप में उपभोक्ता है।दुनिया एक बाजार है और इस से कमाई करने के लिए बेरहम कारोबारी  (businessman)  और निरीह ग्राहक (customers) दोनों मौजूद हैं। चालाक और क्रूर बाजार के हाथों ग्राहक को बचाने के लिए उपभोक्ता अदालत (consumer court) से लेकर ग्राहकों के अधिकार बनाए गए थे। 
हर वर्ष 15 मार्च को उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जाता है। विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस सबसे पहले 15 मार्च 1983 को मनाया गया था और बाद में यह एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया। एक उपभोक्ता होने के नाते आपके कुछ अधिकार भी हैं लेकिन बहुत से लोगों को उनके अधिकारों के बारे में नहीं पता। इस दिवस का उद्देश्य भी उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करना है। आज विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के अवसर पर हम आपको आपके बताएंगे आपके अधिकार ताकि बाज़ार में कुछ भी खरीदने से पहले आप सजग रहे।



History of World Consumer Rights Day : विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस का इतिहास 

15 मार्च, 1962 को अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी ने अमेरिकी कांग्रेस को संदेश देते हुए उपभोक्ताओं के अधिकारों का जिक्र किया था। इसी दिन की याद में दुनिया भर में आज के दिन को उपभोक्ता अधिकार दिवस के तौर पर मनाया जाता है। कैनेडी दुनिया के पहले नेता थे जिन्होंने ग्राहकों के अधिकारों के बारे में सोचा था। ग्राहकों ने 1983 में पहली बार इस दिन की अहमियत को पहचाना और इस दिन को ही विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के तौर पर मनाना शुरु कर दिया। हर साल इस दिन ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस दिन विचार-विमर्श किया जाता है।

अमेरिका के बाद ब्रिटेन ने भी 1973 में उचित व्यापार अधिनियम पारित किया। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने उपभोक्ता के अधिकारों में तीन अतिरिक्त अधिकार क्रमश: क्षतिपूर्ति का अधिकार, उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार, एवं स्वस्थ पर्यावरण का अधिकार इस श्रृंखला में सम्मिलित कर दिया। उपभोक्ता के हितों की रक्षा के लिए यह एक और महत्वपूर्ण कदम था। फलस्वरूप संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ तथा कई अन्य विकसित देशों ने उपभोक्ता हितों के संरक्षण के लिए दिशा – निर्देश जारी किये।


विकसित राष्ट्रो ने उपभोक्ता संरक्षण कानून की स्थापना कर जागरूकता का परिचय दिया। इसी क्रम में विकासशील देशों ने भी उपभोक्ता के हितों के लिए उपभोक्ता संरक्षण कानून की व्यवस्था लागू की। जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण है विश्व भर में प्रतिवर्ष 15 मार्च को ‘विश्व उपभोक्ता दिवस’ का आयोजन।

भारत में 24 दिसंबर को मनाया जाता है  ‘राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस’

भारत में उपभोक्ता आंदोलन की शुरुआत 1966 में मुंबई से हुई थी। 1974 में पुणे में ग्राहक पंचायत की स्थापना के बाद अनेक राज्यों में उपभोक्ता कल्याण हेतु संस्थाओं का गठन किया गया और यह आंदोलन बढ़ता गया। 9 दिसंबर 1986 को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पहल पर उपभोक्ता संरक्षण विधेयक पारित किया गया और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बार देशभर में लागू हुआ। इसके बाद 24 दिसंबर को भारत में राष्ट्रीय उपभोक्ता संरक्षण दिवस मनाने का निर्णय लिया गया।

सबसे पहले जानते है उपभोगता सरक्षण अधिनियम के बारे में: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986
24 दिसम्बर 1986 में भारतीय संसद द्वारा ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम’ (Consumer Protection Act) पारित किया गया। यह कानून जम्मू और कश्मीर को छोड़कर सम्पूर्ण देश में लागू किया गया। इसका उद्देश्य देश में उपभोक्ता के हितों को सुरक्षा एवं संरक्षा प्रदान करना है। चुकी 24 दिसम्बर को ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम’ पारित हुआ था इसलिए भारत सरकार ने 24 दिसम्बर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के रूप में घोषित किया।

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बदलते गए बाजार बदलते गए ग्राहक और उनके अधिकार

गांव में अनाज के बदले सामान लेने से शुरु हुई मोहल्ले की दुकान आज बिग बाजार और बड़े-बड़े मॉल का रास्ता पार करते हुए अब ऑन लाइन शॉपिंग तक पहुंच चुकी है। इसी के साथ बाजार के नाम पर फ्रॉड के तरीके भी बदलते जा रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों के साथ ठगी के तरीके लगातार बदलते जा रहे हैं। जाहिर है लोगों के उपभोक्ता अधिकार और उपभोक्ता अदालत में आने वाले मामलों का प्रारूप भी लगातार बदलता जा रहा है। इसी के साथ ग्राहकों को मिलने वाले अधिकारों में भी वक्त के साथ काफी बदलाव होते जा रहे हैं।

World Consumer Rights Day : उपभोक्ता फोरम

ऐसे में नीति – निर्धारकों द्वारा उपभोक्ता के संरक्षण के लिए उपभोक्ता संरक्षण कानून का गठन किया गया। ताकि उद्यमियों या व्यापारियों द्वारा उपभोक्ता के हितों की अनदेखी न की जा सके | यह किसी एक देश में नहीं बल्कि संसार के अनेक देशों में लागू की गयी व्यवस्था है। 

उपभोक्ता संरक्षण कानून जन हित का एक सार्थक प्रयास है। इसका निर्माण उपभोक्ताओं की हितों की रक्षा के लिए, उन्हें जागरूक करने के लिए और उन्हें न्याय दिलाने के लिए बनाया गया एक कानून है।


सुई से लेकर हवाई जहाज तक, होटल से लेकर हॉस्पिटल तक, गलत विज्ञापन या जनता को भ्रमित करने वाले विज्ञापन, इलेक्ट्रोनिक उपकरण व insurance sector सहित तमाम क्षेत्र उपभोक्ता फोरम की परिधि के में आते है। कोई भी व्यक्ति अगर उसके साथ गलत हुआ है तो उपभोक्ता फोरम में अपने साथ हुए ठगी की शिकायत कर सकता है। उपभोक्ता फोरम में किसी भी तरह के मुकदमे का निपटारा नियमत: 90 दिनों के अंदर करने का प्रावधान है।

World Consumer Rights Day: जागरूकता ही उपभोक्ता का हथियार

भारत में उपभोक्ता संरक्षण कानून 1986 के अंतर्गत सुई से लेकर हवाई जहाज तक सभी उपभोक्ता कानूनों की परिधि में आते है। जो उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है उन्हें जागों ग्राहक जागो का नारा न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

लेकिन अभी भी बहुत से ऐसे उपभोक्ता है जो यह अनुभव तो करते है कि उन्हें लूटा जा रहा है अथवा उनके अधिकारों का हनन हो रहा है लेकिन जानकारी के अभाव में आयोग तक पहुंचने से कतराते है।

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कई लोगों को लगता है कि सामान्य मुकदमों की तरह ही यहाँ पर भी पैसे और समय की बर्बादी ही होगी तो यह सोच गलत है। ऐसी सोच रखने वालों के लिए ही विश्व उपभोक्ता संरक्षण दिवस के आयोजन के द्वारा उपभोक्ता को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है।

अगर आप अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है तो आप को न्याय और हर्जाना दिलाने में उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) पूरी मदद करेगा है। यदि किसी उत्पाद को खरीदने के बाद आप उससे असंतुष्ट है और आप अपना मूल्य हर्जाने के तौर पर वसूलना चाहते है तो उपभोक्ता फोरम में शिकायत करके हर्जाने की मांग कर सकते है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के अंतर्गत उपभोक्ता अपने अधिकारों के लिए उपभोक्ता फोरम में शिकायत कर सकता है | इसके लिए बस आपको अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने की जरुरत है।

उपभोक्ता के अधिकार एवं कर्त्तव्य

अगर जागरूक हो उपभोक्ता तो नहीं होगी कोई समस्या। इसलिए हर उपभोक्ता को अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के बारे में जानना बहुत जरुरी है।

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जागो ग्राहक जागो, जानो क्या हैं उपभोक्ता के अधिकार
  • सुरक्षा का अधिकार : जीवन के लिए नुकसानदेह/हानिकारक वस्तुओं और सेवाओं के खिलाफ संरक्षण प्रदान करना।
  • सूचना का अधिकार : उपभोक्ता द्वारा अदा की गई कीमतों /सेवाओं की गुणवत्ता, मात्रा, वजन और कीमतों की जानकारी ताकि गलत व्यापारिक प्रक्रियाओं द्वारा किसी उपभोक्ता को ठगा नहीं जा सके।
  • चुनने का अधिकार : प्रतिस्पर्धी कीमतों पर वस्तुओं और सेवाओं के अनेक प्रकारों तक यथासंभव पहुंच को निश्चित करना।
  • सुनवाई  का अधिकार : उपयुक्त फोरम पर सुने जाने का अधिकार और यह आश्वासन कि विषय पर उचित ध्यान दिया जाएगा।
  • उपचार का अधिकार : गलत या प्रतिबंधित कारोबारी गतिविधियों/शोषण के खिलाफ कानूनी उपचार की मांग करना।
  • उपभोक्ता शिक्षा का अधिकार : इसके तहत उपभोक्ता को उपभोक्ता होने के नाते इसकी जानकारी पाने का पूरा अधिकार है।

क्या है उपभोक्ता के कर्तव्य

  • किसी भी सामान की खरीदारी करते समय सावधानी बरतना आपका कर्तव्य है ।
  • विभिन्न आधारभूत पहलुओं जैसे वस्तु की MRP , Hallmark (हॉलमार्क), ISI mark (आइएसआइ का निशान), expiry date आदि के बारे में जानकारी रखना आपका कर्तव्य है ।
  • मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाना आपका कर्तव्य है ।
  • सबसे अहम् और महत्वपूर्ण आपका अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना भी आपका कर्तव्य है ।

कौन कर सकता है उपभोक्ता अदालत में शिकायत

किसी व्यापारी द्वारा यदि उपभोक्ता को हानि हुई है, खरीदे गए सामान में यदि कोई खराबी है, किराए पर ली गई सेवाओं मे कमी पाई गई है, विक्रेता ने आपसे प्रदर्शित मूल्य से अधिक मूल्य लिया है तो वो इसकी शिकायत कर सकता है। इसके अलावा अगर किसी कानून का उल्लंघन करते हुए जीवन तथा सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करने वाला सामान जनता को बेचा जा रहा है तो आप शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

कहां की जा सकती है शिकायत

शिकायत कहां की जाए, यह बात सामान सेवाओं की लागत अथवा मांगी गई क्षतिपूर्ति पर निर्भर करती है। अगर यह राशि 20 लाख रुपये से कम है तो जिला फोरम में शिकायत करें। यदि यह राशि 20 लाख से अधिक लेकिन एक करोड़ से कम है तो राज्य आयोग के सामने और यदि एक करोड़ रूपसे अधिक है तो राष्ट्रीय आयोग के सामने शिकायत दर्ज कराएं। वैबसाइट www.fcamin.nic.in पर सभी पते उपलब्ध हैं।

कैसे कर सकते हैं शिकायत

उपभोक्ता या शिकायतकर्ता सादे कागज पर ही शिकायत दर्ज करवा सकता है। शिकायत में शिकायतकर्ताओं तथा विपरीत पार्टी के नाम का विवरण तथा पता, शिकायत से संबंधित तथ्य एवं यह सब कब और कहां हुआ आदि का विवरण, शिकायत में उल्लिखित आरोपों के समर्थन में दस्तावेज साथ ही प्रामाणिक एजेंट के हस्ताक्षर होने चाहिए। इस प्रकार की शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी वकील की आवश्यकता नही होती। साथ ही इस कार्य पर नाम मात्र का न्यायालय शुल्क लिया जाता है।

उपभोक्ता Helpline Number पर कर सकते है शिकायत
उपभोक्ताओं की मदद के लिए केंद्र एवं राज्य स्तर पर दो हेल्पलाइन संचालित की गयी है। आप अपनी समस्याओं की शिकायत इन हेल्पलाइन नंबरों के द्वारा भी कर सकते है । राष्ट्रीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर है 1800 – 11 – 4000 । इस नंबर पर फोन करके आप कोई जानकारी, सुझाव या फिर अपनी शिकायत के लिए मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते है । साथ ही +918130009809 पर SMS भेज कर भी सहायता प्राप्त कर सकते है ।

ख्याल रखें
ख्याल रखें वर्तमान में धोखा देकर अपना उल्लू सीधा करने वालों की कमी नहीं है । इसलिए आपको अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना बहुत जरुरी है । आपकी जागरूकता पर ही सबकुछ निर्भर करता है | कई बार लोग सामान तो खरीद लेते है पर दुकानदार से रसीद लेना जरुरी नहीं समझते है । बाद में इसकी वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । इसलिए जब भी आप कोई महत्वपूर्ण खरीदारी करें तो उसकी रसीद जरुर लें । अगर आप जागरूक होकर इन छोटी – छोटी बातों का ख्याल रखेंगे तो आप असुविधाओं से सुरक्षित रहेंगे ।


अंतरराष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के नारे World Consumers Rights Day Slogan in Hindi

उपभोक्ता दिवस के दिन बहुत सी संस्थाओ द्वारा रैली व सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है | जिसमे समाज, देश व विश्व के सभी उपभोक्ताओ को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक किया जाता है व गाँव-गाँव / शहर – शहर रैली निकली जाती है जिसमे उपभोक्ता जागरूकता के नारे लगाये जाते है | यहा निचे आपको उपभोक्ता दिवस के नारे दिए गए है जिनका प्रयोग आप रैली व कार्यक्रमों में कर सकते है |
World Consumers Rights Day Slogan
शुद्ध सुरक्षित और असर दायक
उपभोक्ता संरक्षण कानून है लाभदायक
Upbhokta Diwas Hindi Slogans
विश्व का हर उपभोक्ता हो जागरूक
उपभोक्ता संरक्षण कानून है इसमें सहायक
Consumers Day Slogan in Hindi
उपभोक्ता कानून का इरादा
ग्राहक की सुरक्षा का वादा
Upbhokta Diwas ke Nare
उपभोक्ता कानून जानिए
आप अपने अधिकार पहचानिये
Consumers Day Hindi Slogan
जब गरंटी बारँटी से निर्माता जाये मुकर
आप तुरंत उपभोक्ता की अदालत की और करे डगर
Slogan on Jago Grahak Jago in Hindi
उपभोक्ता अदालतों की प्रक्रिया है सस्ती व सरल
जागो ग्राहक जागो यहा होगा आपकी समस्या का तुरंत हल
विश्व उपभोक्ता दिवस से सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए World Consumers Rights official website www.icpen.org व भारतीय उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की जानकारी के लिएConsumer Affairs Department official website www.consumeraffairs.nic.in औरwww.fcamin.nic.in पर विजिट करे |

World Consumers Rights Day GK Hindi FAQs

Q. – विश्व उपभोक्ता दिवस कब मनाया जाता है ?

Ans. – विश्व उपभोक्ता दिवस 15 मार्च को मनाया जाता है. 

Q. – विश्व उपभोक्ता दिवस सबसे पहले कब मनाया गया ?

Ans. – सबसे पहले अर्थात पहला विश्व उपभोक्ता दिवस 15 मार्च, 1962 को मनाया गया था. 

Q. – भारत में उपभोक्ता दिवस कब मनाया जाता है ?

Ans. – हर साल भारत में उपभोक्ता दिवस 24 दिसम्बर को मनाया जाता है | जिसे राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस भी कहा जाता है. 

Q. – विश्व उपभोक्ता दिवस 2020 की थीम क्या है?

Ans. – सतत उपभोक्ता [ The Sustainable Consumer ]
Q. – अमेरिकी कांग्रेस में पारित विधेयक में उपभोक्ताओ को कितने अधिकारों का प्रावधान था ?

Ans. – अमेरिकी कांग्रेस में पारित विधेयक में चार विशेष प्रावधान थे पहला उपभोक्ता सुरक्षा का अधिकार दूसरा उपभोक्ता को सूचना प्राप्त करने का अधिकार तीसरा उपभोक्ता को चुनाव करने का अधिकार और चौथा उपभोक्ता को सुनवाई का अधिकार.

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