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International Nowruz Day in hindi | अन्तर्राष्ट्रीय नौरोज़ दिवस 21 March

अन्तर्राष्ट्रीय नौरोज़ दिवस 21 मार्च

ईरानी समारोह सामग्रियों
ईरानी समारोह सामग्रियां 
आधिकारिक नाम
नौरोज़
अन्य नाम
नवरोज़, नोवरोटीज़, नोवरूज़, नवरूज़, नवरुजी
अनुयायी
नया साल, राष्ट्रीय, जातीय, अंतर्राष्ट्रीय ईरानी संस्कृति की पहच का प्रतीक।
उद्देश्य
नौरोज़ का उत्सव, मनुष्य के पुनर्जीवन और उसके हृदय में परिवर्तन के साथ प्रकृति की स्वच्छ आत्मा में चेतना व निखार पर बल देता है।
उत्सव
सगे संबंधियों से भेंट और अपने दिल की बात बयान करने का बेहतरीन अवसर।
अनुष्ठान
ईरानी नववर्ष, अतीत पर दृष्टि डालने और आने वाले जीवन को उत्साह व ख़ुशियों से भरने का त्योहार।
आरम्भ
अत्यंत प्राचीन।
तिथि
20 मार्च, 21 या 22 मार्च
समान पर्व
नववर्ष, ईद, होली इत्यादि।

हर साल 21 मार्च को विश्व स्तर पर इंटरनेशनल नॉरूज़ डे मनाया जाता है। नौरोज़ या नवरोज़ (फारसी: نوروز‎‎ नौरूज़; शाब्दिक रूप से "नया दिन"), ईरानी नववर्ष का नाम है, जिसे फारसी नया साल भी कहा जाता है और मुख्यतः ईरानियों द्वारा दुनिया भर में मनाया जाता है। यह मूलत: प्रकृति प्रेम का उत्सव है। अंतर्राष्ट्रीय नॉरूज़ दिवस हर साल "नोवरूज़" को मनाने के लिए मनाया जाता है, जो एक प्राचीन उत्सव है और जिसे वसंत के पहले दिन और प्रकृति के नवीकरण का प्रतीक माना जाता है। साथ ही यह पीढ़ी दर पीढ़ी और परिवारों के बीच शांति और एकजुटता के मूल्यों को भी प्रोत्साहित करता है।

International Nowruz Day

वसंत के पहले दिन मनाए जाना वाला नोवरूज़ मूलत: प्रकृति प्रेम का उत्सव है। प्रकृति के उदय, प्रफुल्लता, ताज़गी, हरियाली और उत्साह का मनोरम दृश्य पेश करता है। इसे नए साल की शुरुआत के रूप में पश्चिम एशिया, मध्य एशिया, काकेशस, काला सागर बेसिन और बाल्कन में 3,000 से भी अधिक वर्षों से मनाया जाता है।

अन्तर्राष्ट्रीय नौरोज़ दिवस उत्सव

सूर्योदय के साथ ही उत्सव शुरु हो जाता है। सुबह, सभी वयस्क, नवयुवक और बच्चे फावड़े उठाते हैं, किसी झरने या आरिक (छोटी नहर) पर जाते हैं और उसे साफ़ करते हैं। वे सम्माननीय वृद्ध लोगों के मार्गदर्शन में पेड़ भी लगाते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान, उन्हें कहना पड़ता है- ‘’लोगों की स्मृति में एक पूरा झुण्ड छोड़कर जाने से अच्छा है एक पेड़ छोड़कर जाना’’ और ‘’यदि आप एक पेड़ काटेंगे तो आपको दस पेड़ लगाने होंगे’’ इस रिवाज़ के पूरा होने के बाद, चमकीले कपड़ों में सजे तीन हरकारे पूरे गाँव में सबको उत्सव में शामिल होने का निमंत्रण देते हैं। कभी-कभी ये कज़ाक परीकथाओं के हीरोज़, अल्डर कोसे, झिरेन्शी और सुन्दर काराशश की तरह भी सजते हैं। उत्सव में, सबके साथ खेलने वाले खेल, पारंपरिक घुड़दौड़ और अन्य प्रतिस्पर्धाएँ शामिलहोती हैं। ‘’आइकिश-उइशिश’’ (एक दूसरे की ओर) और ‘’औदरीस्पेक’’ (अच्छे घुड़सवार) इस उत्सव के लोकप्रिय खेल हैं। लड़के और लड़कियाँ दोनों ही इनमें भाग लेते हैं। दिन के अंत में मुशायरा होता है। दो अकिन (शायर) एक गायन प्रतियोगिता में भाग लेते हैं। स्पर्धा दिन डूबने पर समाप्त होती है जब, आम धारणा के अनुसार अच्छाई ने बुराई को हराया था। यह त्योहार, लोगों के आग जलाने, गाँव में मशालें लेकर निकलने और नाचने-गाने के साथ समाप्त होता है।

What is Nowruz and why do we celebrate it?
The word Nowruz (Novruz, Navruz, Nooruz, Nevruz, Nauryz), means new day; its spelling and pronunciation may vary by country.

Nowruz marks the first day of spring and is celebrated on the day of the astronomical vernal equinox, which usually occurs on 21 March. It is celebrated as the beginning of the new year by more than 300 million people all around the world and has been celebrated for over 3,000 years in the Balkans, the Black Sea Basin, the Caucasus, Central Asia, the Middle East and other regions.

Inscribed in 2009 on the Representative List of the Intangible Cultural Heritage of Humanity as a cultural tradition observed by numerous peoples, Nowruz is an ancestral festivity marking the first day of spring and the renewal of nature. It promotes values of peace and solidarity between generations and within families as well as reconciliation and neighbourliness, thus contributing to cultural diversity and friendship among peoples and different communities.

Nowruz plays a significant role in strengthening the ties among peoples based on mutual respect and the ideals of peace and good neighbourliness. Its traditions and rituals reflect the cultural and ancient customs of the civilizations of the East and West, which influenced those civilizations through the interchange of human values.

International Nowruz Day

Celebrating Nowruz means the affirmation of life in harmony with nature, awareness of the inseparable link between constructive labour and natural cycles of renewal and a solicitous and respectful attitude towards natural sources of life.
Background

International Nowruz Day was proclaimed by the United Nations General Assembly, in its resolution A/RES/64/253 of 2010, at the initiative of several countries that share this holiday. Under the agenda item of “culture of peace”, the member states of Afghanistan, Azerbaijan, Albania, the Former Yugoslav Republic of Macedonia, Iran (Islamic Republic of), India, Kazakhstan, Kyrgyzstan, Tajikistan, Turkey and Turkmenistan prepared and introduced a draft resolution (A/64/L.30) entitled "International Day of Nowruz" to the ongoing 64th session of the General Assembly of the United Nations for its consideration and adoption.

In the 71st plenary meeting on 23 February 2010, The General Assembly welcomed the inclusion of Nowruz in the Representative List of the Intangible Cultural Heritage of Humanity by the United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization on 30 September 2009.

It also recognized 21 March as the International Day of Nowruz, and invited interested Member States, the United Nations, in particular its relevant specialized agencies, funds and programmes, and mainly the United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization, and interested international and regional organizations, as well as non-governmental organizations, to participate in events organized by States where Nowruz is celebrated.

उपरोक्त समाचारों से आने-वाली परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
  • संयुक्त राष्ट्र के महासचिव: एंटोनियो गुटेरेस.
  • संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के महानिदेशक: ऑड्रे अज़ोले.
सोर्स : un.org, bharatdiscovery, wikipedia 

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