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जानिए क्या है Atal Bhujal Yojana and Atal Tunnel Yojana

अटल भूजल योजना 2020 – पीएम मोदी ने करी अटल टनल व जल संरक्षण अभियान की शुरुआत

मोदी सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन के मौके पर दो महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत कर रही है. ये योजनाएं नाम से शुरू की जा रही हैं. केंद्र सरकार ने 6000 करोड़ रुपये इसके लिए आवंटित किए हैं. 
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर के मुताबिक पानी की समस्या से निपटने के लिए अटल भूजल योजना लाई गई है. इस पर 5 साल में 6000 करोड़ रुपये का खर्च होगा. जिसमें से 3000 करोड़ रुपये वर्ल्ड बैंक और 3000 करोड़ रुपये सरकार देगी.
5 वर्षों (2020-21 से 2024-25) की अवधि में क्रियान्वित किए जाने वाले 6,000 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय में से, 50 प्रतिशत विश्व बैंक ऋण के रूप में होगा और उनका पुनर्भुगतान केन्द्र सरकार द्वारा किया जाएगा। शेष 50 प्रतिशत का भुगतान नियमित बजटीय समर्थन से केन्द्रीय सहायता द्वारा किया जाएगा। विश्व बैंक ऋण का समस्त घटक और केन्द्रीय सहायता राज्यों को अनुदान के रूप में दी जाएगी।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया नामकरण व शिलान्यास 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (25 दिसम्बर 2019) को पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की 95वीं जयंती के अवसर पर अटल भूजल योजना 2020 (Atal Bhoojal Yojana – ABY) की शुरुआत कर दी है। इस सरकारी योजना के अलावा पीएम मोदी ने अटल टनल (Central Govt. Water Conservation Scheme) का भी उद्घाटन किया। दिल्ली के विज्ञान भवन में हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत के दो रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय जी का जन्म दिवस है हमे उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और उनकी शिक्षाओं को अपने आचरण में लाना चाहिए। इस साथ ही अटल भूजल के माध्यम से पानी बचाने के मंत्र भी दिए और बताया कि कैसे किसान, युवा, स्टार्टअप करने वाले लोग पानी बचाने के लिए अपना योगदान दे सकते हैं।
पीएम मोदी ने बताया की भारत देश के आजाद होने के बाद 70 सालों में सिर्फ 3 करोड़ घरों में ही पीने का शुद्ध पानी पहुंचा है, जिसको हमें अगले पांच सालों में तेज रफ्तार से आगे लेकर जाना है और यह कार्य बिना देश के नागरिकों के समर्थन के मुमकिन नहीं है। अभी हाल ही में 73वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भाषण देते हुए पीएम जल जीवन मिशन 2019 (Atal Bhoojal Yojana – Water Conservation Scheme by Narendra Modi) की भी शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा की गई है। अपने भाषण के दौरान उन्होने चुटकी लेते हुए यह भी कहा की आज दिल्ली में पीने के पानी को लेकर काफी हंगामा हो रहा है जिसके लिए सरकार को हर संभव प्रयास करने चाहिए।
मज़ाक करते हुए उन्होने यह भी कहा की कल को हेडलाइन बनेगी ‘तीन लाख करोड़ पानी में’। पीएम ने कहा कि हर राज्य पानी के संरक्षण के लिए आगे आए और केंद्र सरकार पहले ही इस योजना पर काम शुरू कर चुकी है और सैटेलाइट से नज़र भी रखी जा रही है की कहाँ-कहाँ पानी के ताल, तालाब सूख रहे हैं।

अटल भूजल योजना (अटल जल) | जल संरक्षण अभियान

अटल भूजल योजना 2020 – पीएम मोदी ने करी अटल टनल व जल संरक्षण अभियान की शुरुआत
अटल भुजल योजना 25 दिसंबर 2019 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 95 वीं जयंती पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई एक भूजल प्रबंधन योजना है। इस योजना का उद्देश्य भारत के सात राज्यों में जल प्रबंधन में सुधार करने के लिए योजना बनाना है। इस योजना का लक्ष्य देश के उन इलाकों में भूजल के स्तर को ऊपर उठाने का है जिन इलाकों में भूजल का स्तर काफी नीचे चला गया है. योजना का उद्देश्य भूजल की मात्रा में इजाफा करना है. साथ ही किसानों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से भी ये योजना केंद्र सरकार की ओर से लाई गई है.
इस योजना के तहत केंद्र सरकार किसानों को खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में जल भंडारण सुनिश्चित कराना चाहती है. साथ ही सरकार का कहना है कि इस योजना के जरिए किसानों की आय दोगुनी करने में भी मदद मिलेगी.

किसे मिलेगा लाभ?

अटल जल की रूपरेखा सहभागी भूजल प्रबंधन के लिए संस्थागत संरचना को सुदृढ़ करने तथा सात राज्यों अर्थात गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में टिकाऊ भूजल संसाधन प्रबंधन के लिए समुदाय स्तर पर व्यवहारगत बदलाव लाने के मुख्य उद्देश्य के साथ बनाई गई है। इस योजना के कार्यान्वयन से इन राज्यों के 78 जिलों में लगभग 8350 ग्राम पंचायतों को लाभ पहुंचने की उम्मीद है। अटल जल मांग पक्ष प्रबंधन पर मुख्य जोर के साथ पंचायत केन्द्रित भूजल प्रबंधन और व्यवहारगत बदलाव को बढ़ावा देगी।

क्या है अटल टनल योजना?

वहीं दूसरी अटल टनल योजना मनाली से लेह तक होगी. इस योजना को 2005 में ही मंजूरी मिली थी. इसके लिए 4000 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. कुल 8.8 किलोमीटर लंबी इस योजना का तकरीबन 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है. दावा किया गया है कि यह विश्व का सबसे ऊंचा टनल होगा.

रोहतांग दर्रे के नीचे सुरंग-

रोहतांग दर्रे के नीचे एक रणनीतिक सुरंग बनाने का ऐतिहासिक निर्णय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लिया गया था। 8.8 किलोमीटर लंबी यह सुरंग समुद्र तल से 3,000 मीटर की ऊंचाई पर विश्व की सबसे लंबी सुरंग है। यह मनाली और लेह के बीच की दूरी में 46 किलोमीटर की कमी करेगी और परिवहन लागतों में करोड़ों रुपये की बचत करेगी। यह 10.5 मीटर चौड़ी सिंगल ट्यूब बाइ-लेन सुरंग है, जिसमें एक अग्निरोधी आपातकालीन सुरंग मुख्य सुरंग में ही निर्मित है। दोनों सिराओं पर सफलता 15 अक्टूबर, 2017 को ही अर्जित कर ली गई थी। यह सुरंग पूरी होने वाली है और हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्रों को सदैव कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है, जो अन्यथा शीत ऋतु के दौरान लगभग 6 महीने तक लगातार शेष देश से कटे रहते थे।

अटल टनल की विशेषताएँ

प्रधानमंत्री ने एक किस्सा बताते हुए कहा कि मनाली के पास एक गांव में आज हवन हो रहा है और देश में कई जगहों पर पानी की किल्लत से निपटने के लिए लोग हर प्रयास करने के लिए तैयार बस पानी के इस्तेमाल की थोड़ी जागरूकता उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। वर्षा अच्छी हो इसके लिए जगह-जगह पर हवन किए जा रहे हैं। उन्होने बताया की इस टनल (Atal Bhujal Campaign – ABY) का काम पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी ने शुरू किया था पर किसी कारणवश पूरा नहीं हो सका। अब वे खुद उनके सपने को आगे बढ़ाएँगे।
प्रधानमंत्री बोले कि करगिल के युद्ध के बाद सुरक्षा की दृष्टि से इस टनल का उपयोग काफी महत्वपूर्ण है। लेह-लद्दाख और करगिल का भी भाग्य इस टनल से बदल जाएगा। पानी के मुद्दे पर अटल बिहारी वाजपेयी ने काफी काम किया था। अटल भूजल योजना के तहत 2024 तक हर घर में पीने का पानी पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम में पीएम ने बताया कि अटल जी की अगुवाई में शांता कुमार ने पानी को लेकर बड़ी योजना (PMABY) चलाई थी, लेकिन बाद में जब अटल जी की सरकार चली गई तो पानी की योजना ही बह गई। हमारी सरकार ने पिछले कार्यकाल में इसपर काम करना शुरू कर दिया था।

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