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Todays Hindi Current Affairs/ News Headlines : 29 January 2020

Todays Current Affairs/News Headlines in hindi : 29 January 2020 

NOTE : यूपीएससी, एसएससी, बैंक, रेलवे सहित केंद्र एबं राज्य सरकारों द्वारा आयोजित सभी प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उपयोगी|

दिन के शीर्ष करंट अफेयर्स: 29  जनवरी 2020. तुरंत सभी आवश्यक जानकारी के साथ नवीनतम करेंट अफेयर्स प्राप्त करें, आज के सभी मौजूदा मामलों को जानने के लिए पहले बनें 29 जनवरी 2020 शीर्ष समाचार, प्रमुख मुद्दे, वर्तमान समाचार, राष्ट्रीय वर्तमान समाचारों में महत्वपूर्ण घटनाएं स्पष्ट स्पष्टीकरण के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कारों के लिए, अपने आप को नवीनतम करंट अफेयर्स 29 जनवरी 2020 से सुसज्जित करें।

सामयिकी मुख्य समाचार/ NEWS HEADLINES

1. Reliance Industries की नई पहल, प्लास्टिक से बनेंगी देश की सड़कें

पीएम मोदी ने साल 2022 तक सिंगल यूज प्लास्टिक की खपत को खत्म करने की अपील की है। ऐसे में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सड़क निर्माण में प्लास्टिक का उपयोग करने के लिए एक परियोजना (Project) लॉन्च करने जा रहा है। मौजूदा समय में भारत में तकरीबन 1.4 करोड़ टन प्लास्टिक का उपयोग होता है। प्लास्टिक कचरे में एक ऑर्गनाइज्ड सिस्टम की कमी है। जिसके चलते प्लास्टिक का कचरा बढ़ रह है।

Reliance Newbie
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयमैन मुकेश अंबानी ने एक इवेंट में कहा कि आज भारतीयों को प्रदूषण से निपटने के लिए फोकस करना चाहिए न कि प्लास्टिक पर। अंबानी ने आगे कहा कि कंपनी देश के हाइवे अथॉरिटी (Highway Authority) और अलग-अलग राज्यों के साथ काम करना चाहती है। कंपनी सड़क बनाने के लिए प्लास्टिक मुहैया करा सकती है।
वायु प्रदूषण की निगरानी करने वाले दो ग्रुप के एक स्टडी के मुताबिक, साल 2018 में दुनिया के 20 प्रदूषित शहरों में से 15 भारत के थे। नई दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी है। जहां स्मॉग के चलते स्कूल बंद, फ्लाइट कैंसिल जैसी तमाम समस्याएं आती हैं।

बता दें कि हाल ही रिलायंस इंडस्ट्रीज ने प्रयोग के तौर पर महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में 40 किमी की लंबी सड़क बनाई है। जिसमें 50 टन प्लास्टिक के कचरे का इस्तेमाल किया गया है। इस सड़क को बारिश से भी कोई नुकसान नहीं होगा। कंपनी ने दावा किया है कि 1 किमी की सड़क बनाने में 1 लाख रुपये की बचत हुई है।


2. पूरे विश्व में सबसे खराब ट्रैफिक बंगलूरू में, टॉप 10 में चार भारत के शहर

पूरे विश्व में भारत की सिलिकॉन वैली के नाम से विख्यात बंगलूरू शहर का ट्रैफिक सबसे खराब है। लिस्ट के अनुसार टॉप 10 में चार शहर भारत के हैं। लोकेशन टेक्नोलॉजी के विशेषज्ञ, टॉमटॉम ने यातायात इंडेक्स के नतीजे प्रस्तुत किए हैं जिसमें 57 देशों के 416 शहरों में यातायात रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है। 
विकराल हो गई देश में यातायात व्यवस्था
भारत समेत दुनिया भर के शहरों में ट्रैफिक एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है और पिछले एक दशक में गाड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या ने इसका और बुरा हाल कर दिया है। ट्रैफिक के मामले में भारत के बड़े शहर दुनिया के बड़े शहरों को पीछे छोड़ते नजर आ रहे हैं। बंगलूरू के अलावा मुंबई, पुणे और दिल्ली शामिल है। दुनिया के दूसरे शहरों जो चोटी के 10 शहरों में शामिल हैं वे हैं फिलीपिंस का मनिला, कोलंबिया का बोगोटा, रूस का मास्को; पेरू का लीमा, तुर्की का इस्तांबुल और इंडोनेशिया का जकार्ता।
71 फीसदी सड़कों पर समय बीताते हैं बंगलूरू वासी
पीक आवर्स के दौरान बेंगलुरु के गाड़ी चलाने वाले लोग औसतन हर वर्ष 243 घंटे यानी 10 दिन, 3 घंटे ट्रैफ़िक में फँसकर बिताते हैं। इस शहर में सबसे ज़्यादा भीड़भाड़ (103 फीसदी) 20 अगस्त, 2019 को थी, जबकि सबसे कम भीड़भाड़ (30 फीसदी) 6 अप्रैल, 2019 को थी।
पीक आवर्स के दौरान मुंबई में गाड़ी चलाने वाले लोग औसतन हर वर्ष 209 घंटे, यानी 8 दिन, 17 घंटे ट्रैफिक में बिताते हैं। इस शहर में सबसे ज़्यादा भीड़भाड़ (101 फीसदी) 9 सितंबर, 2019 को थी, जबकि सबसे कम भीड़भाड़ (19 फीसदी) 21 मार्च, 2019 को दर्ज की गई थी।

पीक आवर्स के दौरान पुणे में गाड़ी चलाने वाले लोग औसतन हर वर्ष 193 घंटे, यानी 8 दिन, 1 घंटा ट्रैफिक में बिताते हैं। इस शहर में सबसे ज़्यादा भीड़भाड़ (93 फीसदी) 2 अगस्त, 2019 को दर्ज की गई थी, जबकि सबसे कम भीड़भाड़ (30 फीसदी) 27 अक्टूबर, 2019 को दर्ज की गई थी।
नई दिल्ली में 56 फीसदी समय सड़क पर
नई दिल्ली को इस वर्ष भीड़ के 56 फीसदी स्तर (सफर के दौरान यातायात में फँसने का अतिरिक्त समय) के साथ 8वाँ स्थान मिला है। औसतन, व्यस्ततम समय के दौरान गाड़ी चलाने वाले दिल्ली वासी हर साल 190 घंटे, यानी सात दिन, 22 घंटे का अतिरिक्त समय बिताते हैं। शहर में सबसे अधिक भीड़भाड़ (81 फीसदी) 23 अक्टूबर, 2019 को दर्ज किया गया था, जबकि सबसे कम भीड़भाड़ (छह फीसदी) 21 मार्च, 2019 को दर्ज किया गया था। टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स 2019 यह दर्शाता है कि दिल्ली में भीड़भाड़ का स्तर 2018 की तुलना में दो फीसदी कम हो गया है।
विश्वभर के सबसे भीड़भाड़ वाले शहरों के स्थान (रोज़ के समग्र भीड़भाड़ का स्तर - यात्रा का अतिरिक्त समय - 800,000 से अधिक आबादी):
1
बंगलूरू, भारत
71%
2
मनिला, फिलीपींस
71%
3
बोगोटा, कोलंबिया
68%
4
मुंबई, भारत
65%
5
पुणे, भारत
59%
6
मास्को, रूस
59%
7
लीमा, पेरु
57%
8
नई दिल्ली भारत
56%
9
इंसतांबुल, तुर्की
55%
10
जकार्ता, इंडोनेशिया
53%

3. जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक के लिए किया क्वालीफाई

भारतीय जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिए क्वालीफाई कर लिया है। नीरज ने दक्षिण अफ्रीका में ऐथलेटिक्स सेंट्रल नॉर्थ ईस्ट मीटिंग में 87.86 मीटर भाला फेंक कर 85 मीटर के बेंचमार्क को पार करने के बाद क्वालीफाई किया। कोहनी की चोट से उबरकर वापसी कर रहे नीरज ने शानदार प्रदर्शन किया है। चोट के बाद नीरज का यह पहला मुकाबला था, कोहनी के चोट के कारण उन्हें सर्जरी भी करानी पड़ी थी।
नीरज ने आखिरी बार अगस्त 2018 में जकार्ता एशियन गेम्स में भाग लिया था। जहां उन्होंने 88.06 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता था। कोहनी की चोट के कारण वह पिछले साल ज्यादातर इवेंट में हिस्सा नहीं ले सके थे। 

गौरतलब है कि जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने साल 2016 में वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, उसी साल साउथ एशियन चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया था। इसके अलावा अगले साल नीरज फिर से कमल की तरह खिले और एशियन चैंपियनशिप में फिर से सोने का तमगा हासिल किया, जबकि 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उनके नाम गोल्ड मेडल हासिल करने का रिकॉर्ड दर्ज है। उसी साल एशियन गेम्स में भी भी उन्होंने गोल्ड पर ही निशाना साधा था।

4. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने 'संविधान' को चुना 2019 का 'हिंदी वर्ड ऑफ द ईयर'

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (ओयूपी) ने 'संविधान' शब्द को 2019 का ऑक्सफोर्ड का हिंदी शब्द नामित करते हुए कहा कि इसने पिछले साल व्यापक स्तर पर अपनी ओर ध्यान आकृष्ट किया। यह शब्द इसलिए चुना गया कि 2019 में लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को संविधान की कसौटी पर परखा गया।
भारतीय संविधान के दो अहम संवैधानिक प्रावधानों, अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 (ए) के निरस्त किए जाने के साथ संविधान शब्द ने अगस्त 2019 में पहली बार व्यापक स्तर पर अपनी ओर ध्यान आकृष्ट किया। इन प्रावधानों को रद्द किए जाने से जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा प्रभावी रूप से हट गया।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस ने एक बयान में कहा कि 'हिंदी लैंग्वेज चैम्पियन फॉर ऑक्सफोर्ड लैंग्वेजेज कृतिका अग्रवाल के मुताबिक, '2019 के लिए हिंदी शब्द एक उपयुक्त पंसद है जो लोगों के मिजाज़ को प्रदर्शित करता है, जिस पर नीति निर्माताओं ने मुख्य रूप से ध्यान दिया. 2019 में संविधान एक अकादमिक अवधारणा से मौजूदा वक्त में एक आंदोलन की ओर बढ़ा।'

5. भारत में रामसर नामित आर्द्रभूमि की सूची दस स्थलों को शामिल किया 

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा भारत ने रामसर कन्वेंशन,  संरक्षित स्थलों के लिए दस और वेटलैंड्स जोड़े। 10 नए स्थल है : महाराष्ट्र का  नंदुर मदमहेश्वर ; पंजाब में  केशोपुर-मियां, ब्यास संरक्षण रिजर्व और नंगल ; और उत्तर प्रदेश के नवाबगंज, पार्वती आगरा, समन, समसपुर, सांडी और सराय नवार। अन्य रामसर स्थल राजस्थान, केरल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, जम्मू और कश्मीर, आंध्र प्रदेश, मणिपुर, गुजरात, तमिलनाडु और त्रिपुरा में हैं।
परीक्षा के लिए उपयोगी 
आर्द्रभूमि, वह भूमि है जो स्थलीय और जलीय पारिस्थितिकी प्रणालियों में जहां पानी का तल प्रायः जमीन की सतह पर या जमीन की सतह के पास है या जहां जमीन उथले पानी के द्वारा ढकी रहती है, के बीच संक्रमित होती रहती है।" आर्द्रभूमियों पर सम्मेलन, रामसर, ईरान में 1971 में हस्ताक्षरित एक अंतरसरकारी संधि है, जो आर्द्रभूमियों और उनके संसाधनों के संरक्षण और युक्तिसंगत  उपयोग के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की रूपरेखा प्रदान करती है । वर्तमान में सम्मेलन के 158 करार दल हैं , कुल 161 मिलियन हेक्टेयर में फेली 1758 आर्द्रभूमि क्षेत्र है, जो  रामसर की अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि सूची में शामिल करने के लिए नामित है । रामसर सम्मेलन किसी विशेष पारिस्थितिकी तंत्र  से सम्बंधित अकेली वैश्विक वातावरण संधि है।
भारत में रामसर नामित आर्द्रभूमि की सूची
रामसर नामित आर्द्रभूमि स्थल
स्थान
अष्टमुडी आर्द्रभूमि
सस्थमकोट्टा झील
वेम्बनाड-कोल आर्द्रभूमि
केरल
भितरकनिका मैंग्रोव
उड़ीसा
भोज आर्द्रभूमि
मध्य प्रदेश
चंद्र ताल
पोंग बांध झील
रेणुका आर्द्रभूमि
हिमाचल प्रदेश
चिलिका झील
उड़ीसा
दीपोर बील
असम
पूर्वी कोलकाता की आर्द्रभूमि
पश्चिम बंगाल
हरिकेक आर्द्रभूमि
कंजली आर्द्रभूमि
रोपड़
पंजाब
होक्सार आर्द्रभूमि
सुरिंदर-मंसार झील
त्सोमोरिरी
वूलर झील
जम्मू और कश्मीर
नलसरोवर पक्षी अभयारण्य
गुजरात
कोल्लेरू झील
आंध्र प्रदेश
लोकतक झील
मणिपुर
पॉइंट कैलीमेयर वन्यजीव और पक्षी अभयारण्य
तमिलनाडु
रुद्र सागर झील
त्रिपुरा
सांभर झील
राजस्थान
ऊपरी गंगा नदी (ब्रजघाट से नरोरा तक)
उत्तर प्रदेश

6. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक, 2019 में अधिकारिक संशोधनों को मंजूरी दी 

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (एचसीसी) अधिनियम, 1973 में संशोधन के लिए राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग विधेयक, 2019 में अधिकारिक संशोधनों को अपनी मंजूरी दे दी है। फिलहाल यह विधेयक राज्यसभा में लंबित है।
इन संशोधनों से :
होम्योपैथी शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक नियामक सुधार सुनिश्चित होंगे।
आम जनता के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित होंगे। आयोग देश के सभी हिस्सों में किफायती स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं की उपलब्धता को बढ़ावा देगा।
पृष्ठभूमि :
होम्योपैथी की शिक्षा एवं प्रैक्टिस के नियमन, केंद्रीय होम्योपैथी रजिस्टर के रखरखाव तथा तत्संबंधी मामलों को लेकर केंद्रीय होम्योपैथी परिषद के गठन के लिए होम्योपैथी केंद्रीय परिषद (एचसीसी) अधिनियम, 1973 को लागू किया गया था। इस अधिनियम को भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम, 1956 के प्रारूप पर तैयार किया गया है। भारतीय चिकित्सा परिषद के मुख्य क्रियाकलापों में शक्तियों का निर्धारण एवं नियमन करना शामिल है। जबकि यह अधिनियम होम्योपैथी चिकित्सा शिक्षा एवं प्रैक्टिस के विकास के लिए एक ठोस आधार प्रदान करता है, किंतु परिषद के क्रियाकलापों में अनेक बाधाओं का अनुभव किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण होम्योपैथी स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं पर गंभीर नुकसानदेह प्रभाव पड़ा है।

7. ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने वर्चुअल पुलिस स्टेशन का शुभारंभ किया

ओडिशा सरकार ने राज्य में पहले वर्चुअल पुलिस स्टेशन (virtual police station) का उद्घाटन किया है, जहाँ लोग अपने जिलों से संबंधित शिकायतों को पुलिस स्टेशन पर जाए बिना दर्ज करा सकते हैं। इस ई-पुलिस स्टेशन का संचालन भुवनेश्वर का स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो करेगा। ये पहल नागरिकों को पुलिस स्टेशन जाकर होने वाली परेशानी को कम करने के लिए शुरू की गई है।

इसके अलावा राज्य सरकार ने सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों से सीधे संपर्क (human interface) को कम करने के लिए राजधानी के लोक सेवा भवन में मेडिको-लीगल ओपिनियन सिस्टम और सड़क दुर्घटना मामले के दस्तावेज़ मॉड्यूल (medico-legal opinion system and road accident case document module ) का भी शुभारंभ किया। मेडिको-लीगल ओपिनियन सिस्टम वेब-आधारित प्रणाली है जो पुलिस और चिकित्सा पेशेवरों दोनों को लाभान्वित करेगी। सड़क दुर्घटना के मामले के दस्तावेज़ मॉड्यूल वेब-आधारित ऐप्लिकेशन है जहा वेबसाइट www.imsop.odisha.gov.in के जरिए पहुंचा जा सकता है। 

उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
  • उत्कल दिवस या ओडिशा दिवस प्रत्येक वर्ष 01 अप्रैल को मनाया जाता है।
  • ओडिशा के सीएम: नवीन पटनायक; ओडिशा के राज्यपाल: गणेशी लाल

8. भारतीय नौसेना ने मेडागास्कर में आपदा राहत प्रदान करने के लिए ऑपरेशन वेनिला शुरू किया

भारतीय नौसेना ने 28 जनवरी 2020 को मेडागास्कर में चक्रवात से प्रभावित लोगों कि मदद हेतु ऑपरेशन वनीला की शुरूआत की है. भारतीय नौसेना ने मेडागास्कर में चक्रवात से प्रभावित लोगों को मानवीय सहायता और राहत उपलब्ध कराने हेतु इस ऑपरेशन की शुरूआत की है.
भारतीय नौसेना का ऐरावत 30 जनवरी 2020 को मेडागास्कर में पहुंच गया है. भारतीय युद्धपोत आपरेशन वनीला के अंतर्गत मेडागास्कर में मानवीय सहायता तथा प्राकृतिक आपदा मिशन चलाएगा. भारतीय नौसेना का विशाल उभयचर जहाज आपदाग्रस्त मेडागास्कर को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा.
OPERATION VANILLA
चक्रवात डायने के कारण हुई मेडागास्कर में तबाही से प्रभावित आबादी को सहायता प्रदान करने के लिए ऑपरेशन वेनिला शुरू किया गया। भारतीय दूतावास और मेडागास्कर सरकार के संयुक्त तत्वाधान में बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है. भारतीय नौसैनिक तूफान के बाद आई बाढ़ से राहत हेतु लोगों के बीच दवाएं और खाद्य सामग्री बांट रहे हैं। भारतीय नौसेना जहाज चिकित्सा शिविर स्थापित करने और भोजन, पानी और अन्य आवश्यक राहत सामग्री प्रदान करने के लिए तैयार है। स्थिति की निगरानी की जा रही है, और भारतीय नौसेना मेडागास्कर में स्थानीय आबादी को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।
मेडागास्कर के बारे में
मेडागास्कर हिंद महासागर में अफ्रीका के पूर्वी तट पर स्थित एक द्वीपीय देश है. यह पूर्वी अफ्रीका के तट से लगभग 400 किलोमीटर दूर है. मेडागास्कर ग्रीनलैंड के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप देश है. यहाँ विश्व की पाँच प्रतिशत पादप और जीव प्रजातियाँ मौजूद हैं. मेडागास्कर का जलवायु बहुत अधिक परिवर्तनशील है.
आईएनएस ऐरावत के बारे में
आईएनएस ऐरावत को 19 मई 2010 को भारतीय नौसेना में कमीशन किया गया था. यह भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा और भारी नौसेना जहाजों में से एक है. यह 10 युद्धक टैंक, 500 से अधिक सेना और 11 लड़ाकू ट्रकों को ले जाने में सक्षम है.

9. भारतीय रेलवे ने ईस्ट कोस्ट रेलवे जोन में भुवनेश्वर के मानचेस्वर कैरिज रिपेयर वर्कशॉप में कचरे से ऊर्जा उत्पादन करने वाले देश के पहले सरकारी संयंत्र की स्थापना की है।

भारतीय रेलवे ने ईस्ट कोस्ट रेलवे जोन में भुवनेश्वर के मानचेस्वर कैरिज रिपेयर वर्कशॉप में कचरे से ऊर्जा उत्पादन करने वाले देश के पहले सरकारी संयंत्र की स्थापना की है। इसे 1.79 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है और इसमें प्लास्टिक और ई-कचरे सहित 500 किलोग्राम कचर प्रतिदिन निपटान की क्षमता है।

कचरे से ऊर्जा उत्पादन का यह संयंत्र पेटेंटकृत प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करता जिसे पॉलीक्रैक कहा जाता है, जो एक ऐसी प्रक्रिया है जो विभिन्न तरह के कचरे को हाइड्रोकार्बन तरल ईंधन, गैस, कार्बन और पानी में बदलने वाली दुनिया की पहली पेटेंटेड विषम उत्प्रेरक प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया लाइट डीजल तेल के रूप में ऊर्जा उत्पादन करेगा जिसका इस्तेमाल भट्टियां जलाने में किया जाता है।
उपरोक्त समाचार से सभी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य-
रेल मंत्री: पीयूष गोयल

10. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी बिल में संशोधन को मंजूरी दी


केंद्रीय कैबिनेट ने 29 जनवरी 2020 को संशोधित गर्भपात विधेयक (Medical Termination of Pregnancy Amendment Bill-2020) को मंजूरी दे दी. इस मंजूरी के साथ ही मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 में संशोधन का रास्ता साफ हो गया है. अब इस बिल को संसद के आगामी सत्र में पेश किया जाएगा, जो 01 फरवरी 2020 से शुरू होगा.
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. इस बिल का मुख्य उद्देश्य हेतु गर्भपात अधिनियम (मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट) 1971 में संशोधन किया जायेगा. हालांकि अभी इस विधेयक को कानून बनने हेतु लंबा रास्‍ता तय करना होगा.
उद्देश्य
महिलाओं के लिए उपचारात्मक, मानवीय या सामाजिक आधार पर सुरक्षित तथा वैध गर्भपात सेवाओं का विस्तार करने के लिए गर्भपात (संशोधन) विधेयक, 2020 लाया जा रहा है. केंद्र सरकार का कहना है कि यह महिलाओं की सुरक्षा और सेहत की दिशा में उठाया गया ठोस कदम है तथा इससे बहुत महिलाओं को लाभ मिलेगा.
इस विधेयक से संबंधित मुख्य तथ्य
  • इस विधेयक के तहत गर्भपात की अधिकतम सीमा 20 हफ्ते से बढ़कर 24 हफ्ते कर दी गई है. इस विधेयक के तहत अब महिलायें प्रेगनेंसी के 24वें हफ्ते में भी गर्भपात करा सकेंगी. इसके लिए दो डॉक्टरों की अनुमति लेनी होगी. इसमें एक डॉक्टर सरकारी होगा.
  • विशेष तरह की महिलाओं के गर्भपात (अबॉर्शन) के लिए गर्भावस्था की सीमा 20 से बढ़ाकर 24 सप्ताह करने का प्रस्ताव है. ऐसी महिलाओं को गर्भावस्था की चिकित्सा समाप्ति (एमटीपी) नियमों में संशोधन के जरिए परिभाषित किया जाएगा. इनमें दुष्कर्म पीड़ित, सगे-संबंधियों के साथ यौन संपर्क की पीड़ित तथा अन्य महिलाएं (दिव्यांग महिलाएं, नाबालिग) भी शामिल होंगी.
  • संशोधन विधेयक के तहत, मेडिकल बोर्ड की जांच में मिली भ्रूण संबंधी विषमताओं के मामले में गर्भावस्था की ऊपरी सीमा लागू नहीं होगी. मेडिकल बोर्ड के संगठक, कार्य और अन्य विवरण कानून के नियमों के अंतर्गत निर्धारित किए जाएंगे.
  • इस संशोधन में कहा गया है कि जिस महिला का गर्भपात कराया जाना है उनका नाम और अन्य जानकारियां उस समय कानून के तहत निर्धारित किसी खास व्यक्ति के अतिरिक्त किसी और को नहीं दी जाएंगी.

11. यूके सरकार ने उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोगी अनुसंधान का समर्थन करने के लिए भारत में 4 मिलियन पाउंड का फंड लॉन्च किया।

इनोवेशन चैलेंज फंड
इनोवेशन चैलेंज फंड भारत में सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियों के लिए तकनीकी समाधानों को सहयोग और विकसित करने के लिए उद्योग और शिक्षा को प्रोत्साहित करेगा। यह पहल दो प्रमुख तकनीकी समूहों पर केंद्रित है: कर्नाटक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता / डेटा और महाराष्ट्र में भविष्य की गतिशीलता। सफल बोलीदाताओं में यूके से अंतर्राष्ट्रीय भागीदार शामिल होंगे। चुनौती निधि सुरक्षा और सुविधा, प्रौद्योगिकी छलांग (ऊर्जा भंडारण तकनीक, तापमान नियंत्रित परिवहन, ड्रोन गतिशीलता), कनेक्टिविटी, और रीसाइक्लिंग और स्मार्ट गतिशीलता के अलावा उन्नयन के क्षेत्रों में प्रस्तावों की तलाश कर रही है।

12. नासा ने अंतर्राष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) के लिए पहला हैवीटेबल कमर्शियल मॉड्यूल बनाने के लिए Axiom स्पेस का चयन किया

नासा ने कम से कम एक रहने योग्य वाणिज्यिक मॉड्यूल स्थापित करने के लिए Axiom स्पेस को चुना जो अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से जुड़ा होगा। मॉड्यूल भविष्य के वाणिज्यिक स्पेसफ्लाइट मिशनों के लिए पहला खुदरा गंतव्य होगा। ब्लेड से अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के लिए घर के प्रयोगों और प्रौद्योगिकी के विकास की उम्मीद है। नासा का लक्ष्य अंतरिक्ष में स्वतंत्र खुदरा गंतव्यों के विकास को सक्षम बनाना है जो निम्न-पृथ्वी की कक्षा (LEO) में अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सके। तत्व उत्पादों और सेवाओं को प्रदान करने की क्षमता प्रदर्शित करने के लिए अंतरिक्ष स्टेशन नोड 2 फॉरवर्ड पोर्ट से जुड़ेगा। एक स्थायी कम-पृथ्वी कक्षा अर्थव्यवस्था के लिए संक्रमण शुरू करें जिसमें नासा कई ग्राहकों में से एक है।

नासा ने कहा है कि आईएसओ को नए वाणिज्यिक और विपणन अवसरों के लिए खोलने की अपनी योजनाओं के पांच भागों में से एक है। इसके कार्यक्रम में आईएसएस और इसके चालक दल के संसाधनों को व्यावसायिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराना, आईएसएस के लिए निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन को सक्षम बनाना और इन सेवाओं के लिए दीर्घकालिक मांग को प्रोत्साहित करना भी शामिल है। अंतरिक्ष में एक वाणिज्यिक गंतव्य विकसित करने के लिए काम करना नासा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। कम-पृथ्वी की कक्षा में अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण, वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनों के लिए इसकी दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करना। एनएएसए को अपने आगामी चंद्रमा और मंगल मिशनों को संभव बनाने के लिए एलईओ माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान की आवश्यकता जारी रहेगी। जल्द ही, NASA और Axiom पांच साल के बेस परफॉर्मेंस पीरियड और दो साल के ऑप्शन के साथ कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों और कीमत पर बातचीत शुरू करेंगे।
Axiom स्पेस
Axiom स्पेस का नेतृत्व इसके अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइकल Suffredini ने किया है, जिन्होंने 2005 से 2015 तक NASA के प्रोग्राम मैनेजर के रूप में काम किया है। Axiom की टीम सूक्ष्मजीव, ऑन-ऑर्बिट संचालन, अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण, अंतरिक्ष वित्तपोषण, इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष प्रणाली वास्तुकला के व्यावसायिक उपयोग में विशेषज्ञता रखती है। / डिजाइन / विकास, और अंतरिक्ष चिकित्सा।

13. जितेंद्र सिंह ने भुवन पंचायत V3 वेब पोर्टल लॉन्च किया

पीएमओ के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ। जितेंद्र सिंह ने भुवन पंचायत V3 वेब पोर्टल लॉन्च किया जो ग्राम पंचायतों के नेटवर्क एप्लिकेशन को बढ़ाएगा। इसरो द्वारा विकसित उपग्रह प्रौद्योगिकी की सहायता से पोर्टल कार्य करेगा।
भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी
भारतीय अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को हर भारतीय परिवार को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है। विकेंद्रीकृत योजना के लिए अंतरिक्ष-आधारित सूचना समर्थन पर कार्यशाला ग्राम पंचायतों को जोड़ेगी और सूचना के प्रवाह में मदद करेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए भारत के सपने को साकार करने के लिए अंतरिक्ष तकनीक एक आवश्यक उपकरण है। जितेंद्र सिंह ने विकेंद्रीकृत योजना के लिए अंतरिक्ष-आधारित सूचना समर्थन पर एक तकनीकी दस्तावेज़ जारी किया। इस कार्यक्रम में अंतरिक्ष कार्यक्रम के माध्यम से राष्ट्रीय विकास में योगदान दिया जाता है, जिससे सामाजिक-आर्थिक अच्छी तरह से नागरिकों का ध्यान केंद्रित होता है।


14. एस्सार ऑयल यूके ने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में मार्क विल्सन की घोषणा की



एस्सार ऑयल (यूके) लिमिटेड, स्टैनलो रिफाइनरी का संचालन करता है, जिसने अपने नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में मार्क विल्सन की नियुक्ति की घोषणा की। विल्सन पहले ब्रिटेन के बीपी पीएलसी के साथ थे, जहां उन्होंने कई वरिष्ठ नेतृत्व पदों पर कार्य किया। स्टैनलो ब्रिटेन के सड़क परिवहन ईंधन का 16 प्रतिशत उत्पादन करता है, जिसमें 3 बिलियन लीटर पेट्रोल, 4.4 अरब लीटर डीजल और 2.1 बिलियन लीटर जेट ईंधन प्रति वर्ष शामिल है। रिफाइनरी 10 मिलियन टन क्रूड और फीडस्टॉक्स की सालाना प्रोसेसिंग करती है।

एस्सार

एस्सार ऑयल यूके के कारोबार में एस्सार ने 1 बिलियन अमरीकी डॉलर का निवेश किया, जिसमें 2017-18 में खर्च किए गए 258 मिलियन डॉलर भी शामिल हैं, जो कि साइट के सबसे बड़े बदलाव के साथ एक महत्वपूर्ण मार्जिन बूस्टर प्रोजेक्ट देने के लिए खर्च किए गए। इस परियोजना की सफल डिलीवरी से वार्षिक थ्रूपुट क्षमता 68 मिलियन से बढ़कर 75 मिलियन बैरल हो गई, साथ ही पैदावार में सुधार और राजस्व में वृद्धि हुई। एस्सार ऑयल यूके ने खुदरा ईंधन बाजार में प्रवेश के साथ अपने डाउनस्ट्रीम एकीकरण को व्यापक बनाया। इसके पहले से ही इंग्लैंड और वेल्स में 73 पेट्रोल पंप हैं और अगले पांच वर्षों में ब्रिटेन के बाजार में खुदरा नेटवर्क को 400 जगहों पर विकसित करने की योजना है। कंपनी जेट ए -1 के कई प्रमुख यूके हवाई अड्डों की थोक आपूर्ति में भी एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है।

15. भारतीय पर्यावरण अर्थशास्त्री पवन सुखदेव ने 2020 टायलर पुरस्कार जीता

प्रख्यात भारतीय पर्यावरण अर्थशास्त्री और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के सद्भावना दूत पवन सुखदेव को 'हरित अर्थव्यवस्था' पर उनके अभूतपूर्व कार्य के लिए 2020 का टायलर पुरस्कार दिया जाएगा। इस पुरस्कार को पर्यावरण का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। सुखदेव (59), संरक्षण जीवविज्ञानी ग्रेशन डेली के साथ यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे। पर्यावरण को क्षति के आर्थिक परिणामों और नुकसान की ओर कॉरपोरेट एवं राजनीतिक नीति निर्माताओं का ध्यान आकृष्ट करने के उनके कार्य के लिए उन्हें यह पुरस्कार दिया जा रहा।
दोनों लोग एक मई को यहां एक निजी कार्यक्रम में यह पुरस्कार ग्रहण करेंगे। प्रत्येक को एक स्वर्ण पदक दिया जाएगा और वे दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि साझा करेंगे। इसकी घोषणा सेामवार को की गई।
सुखदेव यूएनईपी की हरित अर्थव्यवस्था पहल के प्रमुख एवं विशेष सलाहकार रह चुके हैं। वह अभी व‌र्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड के प्रमुख के रूप में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने कहा,'यह पुरस्कार समान रूप से यूएनईपी और जीवंत एवं सक्रिय 'पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता की अर्थव्यवस्था' (TEEB) को मान्यता है।' टीईईबी यूएनईपी की मेजबानी वाला एक वैश्विक अध्ययन है। यह पुरस्कार यूनिवर्सिटी ऑफ साउथर्न कैलीफोर्निया की ओर से दिया जाता है
टायलर पुरस्कार

पर्यावरणीय उपलब्धि के लिए टायलर पुरस्कार सबसे पुराने अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण पुरस्कारों में से एक है, जिन्होंने वैश्विक पर्यावरण को संरक्षित करने और बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक ज्ञान और सार्वजनिक नेतृत्व में उत्कृष्ट योगदान दिया है। हमारे प्राकृतिक पर्यावरण के आर्थिक मूल्य में उत्पन्न भयावह अंतर्दृष्टि ने निर्णय लेने वालों को हमारे ग्रह के पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता की रक्षा के लिए नए उपायों को लागू करने के लिए प्रेरित किया। स्टीनर वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम के प्रशासक हैं। टीईईबी पर काम वास्तव में परिवर्तनकारी होने के कारण इसने प्रकृति की सेवाओं के आर्थिक और सामाजिक महत्व और अभ्यास के एक नए समुदाय पर एक नई कथा उत्पन्न की है। सुखदेव वर्तमान में विश्व वन्यजीव कोष के अध्यक्ष और बोर्ड के अध्यक्ष के साथ-साथ टीईईबी सलाहकार बोर्ड, स्टॉकहोम रेजिलिएंस सेंटर, और कैम्ब्रिज संरक्षण पहल के लिए बोर्ड के सदस्य के रूप में कार्य करते हैं।

16. वक्रांगी ने एक्स-आरबीआई और पूर्व-सेबी ईडी रमेश जोशी को कोटक समिति की सिफारिशों के साथ गैर-कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया

वक्रांगी लिमिटेड ने श्री रमेश जोशी (EX-RBI और EX- SEBI ED) को कंपनी का गैर-कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया जो 40 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ अनुभवी हैं।
श्री दिनेश नंदवाना को श्री अनिल के स्थान पर कार्यकारी अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक और समूह के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया।
श्री जोशी ने विभिन्न बैंकों के बोर्ड में RBI की ओर से नॉमिनी निदेशक के रूप में कार्य किया और सेबी के कार्यकारी निदेशक के रूप में सेवानिवृत्त हुए। वह एनएसई, बीएसई और एमसीएक्स के लिए मध्यस्थों का पैनल भी है। वह एक संरक्षक के रूप में काम करेगा और बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत मुद्दों पर प्रबंध निदेशक के लिए एक मार्गदर्शक बल के रूप में जारी रहेगा, विशेष रूप से कॉर्पोरेट प्रशासन प्रथाओं के क्षेत्रों में।
कंपनी ने लगातार और स्थायी विकास के लिए एक ट्रैक रिकॉर्ड बनाया।
कंपनी का एक नियोजित लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2019-20 तक कम से कम 25,000 केंद्राें तक पहुंचा जा सके और वित्त वर्ष 2024-25 तक 3,00,000 नेक्स्टजेन आउटलेट्स तक पहुंचने के लिए इसे और बढ़ाया जाए।
सेबी का विनियमन

सेबी ने जून 2017 में भारत में सूचीबद्ध संस्थाओं के कॉर्पोरेट प्रशासन के मानकों में सुधार करने के उद्देश्य से श्री उदय कोटक की अध्यक्षता में कॉर्पोरेट प्रशासन पर एक समिति का गठन किया। इसकी सिफारिशों के आधार पर, मई 2018 में।
सेबी ने 2015 के लिस्टिंग रेग्युलेशन के रेगुलेशन 17 में एक नया क्लॉज, 1 बी डालते हुए संशोधन किया। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (लिस्टिंग के दायित्व और प्रकटीकरण आवश्यकताएँ) विनियम, 2015 के विनियमन 17 (1 बी), विनियम, 2015 में शीर्ष 500 सूचीबद्ध कंपनियों को कंपनी के अध्यक्ष और एमडी या सीईओ के पदों को विभाजित करने की आवश्यकता है। 500 से अधिक सूचीबद्ध संस्थाएं। आगे यह सुनिश्चित करता है कि ऐसी सूचीबद्ध इकाई के बोर्ड के अध्यक्ष गैर-कार्यकारी निदेशक होंगे और कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत परिभाषित शब्द की परिभाषा के अनुसार प्रबंध निदेशक या मुख्य कार्यकारी अधिकारी से संबंधित नहीं होंगे।

वह दो दशकों से अधिक समय से कंपनी का मार्गदर्शन कर रहा है, और उसका विशाल अनुभव आश्चर्यजनक और गतिशील नेतृत्व गुणों द्वारा समर्थित है।
कंपनी ने ई-गवर्नेंस प्लेयर से लेकर यूनिक रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म के साथ-साथ फ्रैंचाइजी के रिटेल आउटलेट्स के पैन इंडिया नेटवर्क के ई-गवर्नेंस डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म बनने में कंपनी के विकास और विविधीकरण में बहुत योगदान दिया।

17. आलोक कंसल को पश्चिम रेलवे के नए महाप्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया

आलोक कंसल को पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) के महाप्रबंधक के रूप में नियुक्त किया गया। कंसल भारतीय राय तरीका सर्विस ऑफ़ इंजीनियर्स (IRSE) के 1983 बैच के अधिकारी हैं। कंसल रेलवे बोर्ड में सिविल इंजीनियरिंग (योजना) के मुख्य कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्यरत थे। केंद्रीय राय मार्ग (सीआर) के महाप्रबंधक संजीव मित्तल डब्ल्यूआर जीएम के रूप में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। यह पद अनिल कुमार गुप्ता के पास था, जो नवंबर 2019 में सेवानिवृत्त हुए थे।

18. केंद्रीय बैंक यूपीआई/UPI RuPay भुगतान के लिए कम शुल्क को मंजूरी देते हैं

भारत में केंद्रीय बैंकों ने मंजूरी दी कि वे एकीकृत भुगतान इंटरफेस यूपीआई/UPI और RuPay कार्ड लेनदेन पर शुल्क का एक हिस्सा चार्ज नहीं करेंगे, जब तक कि सरकार की घोषणा के बाद व्यापारी छूट दर एमडीआर शून्य रहता है। इस कदम पर चर्चा हुई और एनपीसीआई की संचालन समिति की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई।
एनपीसीआई इंटरचेंज फीस, भुगतान सेवा प्रदाता (पीएसपी) शुल्क, और स्विचिंग शुल्क जैसे कई आरोपों को हटाने के लिए।
एक बैंक, जो भुगतान की सुविधा के लिए व्यापारियों से एमडीआर प्राप्त करता था, जारीकर्ता बैंक को इंटरचेंज शुल्क का भुगतान करेगा और फिर फोनपीई या गूगल-पे जैसी PSPs के लिए कीमत के साथ नेटवर्क NPCI को एक स्विचिंग शुल्क का भुगतान करेगा।
अधिकांश बैंकों ने एटीएम विस्तार को रोक दिया है और पीओएस (प्वाइंट-ऑफ-सेल) विस्तार की ओर कम धन आवंटित कर सकते हैं।
एमडीआर शून्य हो रहा था, यह अपरिहार्य था कि इंटरचेंज शुल्क भी शून्य हो जाता है, उद्योग के विशेषज्ञ।
एकीकृत भुगतान इंटरफ़ेस

यह नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा विकसित एक त्वरित वास्तविक समय भुगतान प्रणाली है जो अंतर-बैंक लेनदेन की सुविधा प्रदान करती है।
गठन: 11 अप्रैल 2016

19. टेक महिंद्रा ने हैदराबाद में Google क्लाउड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की

आईटी सेवाएं प्रमुख टेक महिंद्रा हैदराबाद में एक समर्पित Google क्लाउड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने के लिए।
लक्ष्य

विश्व स्तर पर उद्यमों के डिजिटल परिवर्तन को चलाने के लिए। यह उद्यमों को तकनीक और सेवाओं तक पहुंच प्रदान करेगा और Google क्लाउड पर महत्वपूर्ण कार्यभार को स्थानांतरित करने, उनके आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स समाधान विकसित करने और कार्यस्थल उत्पादकता में सुधार करने में मदद करने के लिए समाधान प्रदान करेगा।
टेक महिंद्रा - गूगल क्लाउड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

केंद्र ग्राहकों को क्लाउड सेवाओं का एक पूर्ण स्पेक्ट्रम प्रदान करेगा जिसमें Google क्लाउड पर अपने कार्यभार का अनुकूलन करने वाले उद्यमों के लिए परामर्श, मूल्यांकन, माइग्रेशन, ऑप्टिमाइज़ेशन और समर्थन सेवाएं शामिल हैं। टेक महिंद्रा मुख्य रूप से अगली पीढ़ी की तकनीकों का लाभ उठाने पर ध्यान केंद्रित करता है ताकि ग्राहक अपने विकास को बढ़ा सकें और ग्राहक अनुभव को बढ़ा सकें।
उत्कृष्टता केंद्र

उत्कृष्टता का एक केंद्र (सीओई) एक साझा सुविधा, या एक इकाई है जो एक फोकस क्षेत्र के लिए नेतृत्व, सर्वोत्तम अभ्यास, अनुसंधान, समर्थन और प्रशिक्षण प्रदान करता है। इसके व्यापक उपयोग और अस्पष्ट कानूनी मिसाल के कारण, एक संदर्भ में उत्कृष्टता का केंद्र दूसरे से पूरी तरह से अलग विशेषताएं हो सकती हैं।

20. भारत ने इतिहास में पहली बार न्यूजीलैंड में जीती टी-20I सीरीज़

भारत ने न्यूजीलैंड के हैमिल्टन में खेला गया तीसरा टी-20 मैच सुपरओवर में जीत लिया है. पांच मैच की टी-20 सीरीज में लगातार तीन मैच जीतकर भारत ने न सिर्फ श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त बनाई बल्कि न्यूजीलैंड में इतिहास भी रच दिया. यह पहला मौका है जब भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड में कोई टी-20 सीरीज जीती हो.
रोहित शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 5 विकेट खोकर 179 रन बनाए. इसके जवाब में मेजबान न्यूजीलैंड टीम ने 20 ओवर में बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट के नुकसान पर 179 रन ही बना सकी. इस तरह मैच टाई हो गया, जिसका नतीजा सुपर ओवर में निकला.

21. महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान सुनीता चंद्रा का निधन

भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त सुनीता चंद्रा का 27 जनवरी 2020 को निधन हो गया. वे 76 साल की थीं. वे कुछ समय से वृद्धावस्था की समस्याओं से जूझ रही थीं. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने निधन पर दुख जताते हुए उन्हें 'देश का गौरव' बताया.
सुनीता चंद्रा साल 1956 से साल 1966 तक भारतीय हॉकी महिला टीम के लिए खेली. वे इस दौरान साल 1963 से साल 1966 तक टीम की कप्तान भी रहीं. उन्होंने भारतीय महिला हॉकी को नई ऊँचाई प्रदान की. उनके पति यतीश चंद्रा हैं, जो भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी रह चुके हैं.

परीक्षा उपयोगी जानकारी 

  • हाल ही में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने जिस राज्य में बारिश के लिये एक पीला कोड मौसम चेतावनी (Yellow Code Weather Warning) जारी की है- हिमाचल प्रदेश
  • वरिष्ठ राजनयिक तरनजीत सिंह संधू को जिस देश में भारत का राजदूत नियुक्त किया गया है- अमेरिका
  • गणतंत्र दिवस 2020 की परेड में जिस राज्य की झांकी को प्रथम पुरस्कार मिला- असम
  • शेख खालिद बिन खलीफा बिन अब्देलअज़ीज़ अल थानी को जिस देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है- क़तर
  • हाल ही में जिस राज्य ने राज्य विधान परिषद समाप्त करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया है- आंध्र प्रदेश
  • वह विश्वविद्यालय जिसने हाल ही में आयोजित वार्षिक दीक्षांत समारोह में नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत विनायक बनर्जी को डी लिट की मानद उपाधि प्रदान की- कलकत्ता विश्वविद्यालय
  • तीसरे वैश्विक आलू सम्मेलन का आयोजन हाल ही में जिस राज्य में किया जा रहा है- गुजरात
  • मध्य प्रदेश के बाएं हाथ के जिस तेज़ गेंदबाज़ फर्स्ट-क्लास में डेब्यू पर पहले ओवर मंब हैट्रिक लेने वाले इतिहास में पहले क्रिकेटर बन गए हैं- रवि यादव
  • अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित सुनीता चंद्रा का हाल ही में निधन हो गया. वे जिस खेल से जुड़ीं हुई थी- हॉकी
  • नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास करने वाला चौथा राज्य जो बना- पश्चिम बंगाल 
  • हाल ही में वैज्ञानिकों ने जिस देश के 3000 वर्ष पुराने प्राचीन मानव की आवाज़ को दोबारा सुनने में कामयाबी पाई है- मिस्र

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