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Pradhan Mantri Awas Yojana In Hindi प्रधानमंत्री आवास योजना

प्रधानमंत्री आवास योजना के नियम व शर्तें | 2020 | Pradhan Mantri Awas Yojana In Hindi

प्रधानमंत्री आवास योजना पूरी जानकारी 


प्रधानमंत्री आवास योजना भारत सरकार की एक योजना है जिसके माध्यम से नगरों में रहने वाले निर्धन लोगों को उनīकी क्रयशक्ति के अनुकूल घर प्रदान किये जाएँगे। सरकार ने ९ राज्यों के ३०५ नगरों एवं कस्बों को चिह्नित किया है जिनमें ये घर बनाए जाएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण योजना ग्रामीण प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण संचालित योजना है इस योजना का शुभारम्भ 25 जून,2015 को हुआ। इस योजना का उद्देश्य 2022 तक सभी को घर उपलब्ध करना है। इस के लिए सरकार 20 लाख घरो का निर्माण करवाएगी जिनमे से 18 लाख घर झुग्गी –झोपड़ी वाले इलाके में बाकि 2 लाख शहरों के गरीब इलाकों में किया जायेगा।
सरकार ने इस योजना को 3 फेज में विभाजित किया है-
  1. पहला फेज अप्रैल 2015 को शुरू किया था और जिसे मार्च 2017 में समाप्त कर दिया गया है इसके अंतर्गत 100 से भी अधिक शहरों में घरो का निर्माण हुआ है।
  2. दूसरा फेज अप्रैल 2017 से शुरू हुआ है जो मार्च 2019 में पूरा होगा इसमें सरकार ने 200 से ज्यादा शहरों में मकान बनाने का लक्ष्य रखा है।
  3. तीसरा फेज अप्रैल 2019 में शुरू किया जाएगा और मार्च 2022 में समाप्त किया जाएगा जिसमे बाकि बचे लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।

क्षेत्रों की आवश्यकताओं के आधार पर, इस योजना को दो भागों में बांटा गया है - शहरी और ग्रामीण.

1. प्रधान मंत्री आवास योजना अर्बन (PMAY-U)

वर्तमान में, प्रधान मंत्री आवास योजना अर्बन (PMAY-U) की इस स्कीम के अंतर्गत लगभग 4,331 कस्बे और शहर हैं. इसमें शहरी विकास प्राधिकरण, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण, औद्योगिक विकास प्राधिकरण, विकास क्षेत्र, अधिसूचित योजना, और शहरी प्राधिकरण और नियमों के लिए उत्तरदायी सभी अन्य प्राधिकरण शामिल हैं.

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स) के डेटा के अनुसार, 1 जुलाई 2019 तक, सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में PMAY-U की प्रगति इस प्रकार है:


  • स्वीकृत घर - 83.63 लाख
  • पूरे हो चुके मकान - 26.08 लाख
  • अधिगृहीत मकान - 23.97 लाख
समान डेटा के अनुसार, इन्वेस्ट की जाने वाली कुल राशि रु. 4,95,838 करोड़ है, जिसमें से रु. 51,414.5 करोड़ की धनराशि पहले ही जारी की जा चुकी है.

2. प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G)



प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) को पहले इंदिरा आवास योजना कहा जाता था. हालांकि मार्च 2016 में इसका नाम बदल दिया गया. इसका लक्ष्य दिल्ली और चंडीगढ़ को छोड़कर पूरे ग्रामीण भारत के लिए किफायती और सुगम हाउसिंग को बढ़ावा देना है.

इसका उद्देश्य बेघरों को फाइनेंशियल सहायता और पुराने घरों में रहने वालों को पक्के घरों के निर्माण में सहायता प्रदान करना है. मैदानी इलाकों में रहने वाले लाभार्थी रु. 1.2 लाख तक प्राप्त कर सकते हैं और उत्तर-पूर्वी, पहाड़ी क्षेत्रों, इंटीग्रेटेड ऐक्शन प्लान (IAP),और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले हाउसिंग के लिए रु. 1.3 लाख तक का लाभ उठा सकते हैं. वर्तमान में, ग्रामीण विकास मंत्रालय से उपलब्ध डेटा के अनुसार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,03,01,107 मकानों को स्वीकृति दी जा चुकी है.

रियल स्टेट सेक्टर में खरीद को बढ़ावा देने के प्रयास में, सरकार ने PMAY की शुरुआत की, हाउसिंग डेवलपमेंट की इस लागत को केन्द्र और राज्य सरकार में निम्नलिखित तरीकों से शेयर किया जाएगा:


  • मैदानी क्षेत्रों के लिए 64:40.
  • उत्तर-पूर्वी और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए 90:10.
इस PMAY स्कीम के लाभार्थियों की पहचान सामाजिक-आर्थिक और जाति जनगणना (SECC) से उपलब्ध डेटा के अनुसार की जाएगी और इसमें शामिल होंगे -


  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति.
  • गैर-SC/ST और BPL में आने वाले अल्पसंख्यक.
  • स्वतंत्र बंधुआ मजदूर.
  • अर्धसैनिक बलों के परिजन और विधवाएं तथा ऐक्शन में मारे गए व्यक्ति, पूर्व सैनिक, और रिटायरमेंट स्कीम के अंतर्गत आने वाले व्यक्ति शामिल हैं| 

PMAY - विशेषताएं और लाभ

  • इस योजना के तहत मिलने वाली राशि और सब्सिडी राशि डायरेक्ट उम्मीदवार के बैंक खाते में आएगी जो कि आधार कार्ड से लिंक होगा जिससे कि उसे इसका सम्पूर्ण फायदा मिल सके।
  • प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले पक्के मकान 25 स्कार मीटर (लगभग 270 स्कार फिट) के होंगे जो की पहले से बड़ा दिए गए है पहले इनका आकर 20 स्कार मीटर (लगभग 215 स्कार फिट) तय किया गया था।
  • इस योजना में लगने वाला खर्चा केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा मिलकर किया जायेगा । मैदानी क्षेत्रोँ में इस शेयर की जाने वाली राशि का अनुपात 60:40 होगा वहीं उत्तर-पूर्व और हिमालय वाले तीन राज्यों जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में यह अनुपात 90:10 होगा।
  • प्रधान मंत्री आवास योजना को स्वच्छ भारत योजना से भी जोड़ा गया है इसके अंतर्गत बनने वाले शौचले के लिए स्वच्छ भारत योजना के तहत 12,000 रूपए अलग से आवंटित किये जायेंगे।
  • इस योजना के तहत यदि लाभार्थी चाहे तो 70 हजार रुपय का लोन भी ले सकता है जो की बिना ब्याज के होगा जिस क़िस्त रूप में पुनः भरना होगा जो की उसे विभिन्न फाइनेंसियल इंस्टिट्यूट से अप्लाई करके लेना होगा। शहरी चैत्र में उम्मीदबार 70 हजार से अधिक लोन ले सकता है जो की बहुत ही काम ब्याज डरो पर उपलभ्ध होगा। लोन केटेगरी LIG, HIG, MIG केटेगरी के हिसाब से मिलेगी ।
  • लाभार्थी को संपूर्ण सुविधा जैसे टॉयलेट, पीने का पानी, बिजली, सफाई खाना बनाने के लिए धुआ रहित ईंधन, सोशल और तरल अपशिष्टो से निपटने के लिए इस योजना को अन्य योजनाओं से जोड़ा भी गया है।
  • शहरी इलाके में ''सभी के लिए घर" मिशन के तहत कार्यकारी एजेंसियों को केंद्रीय सहायता प्रदान करने के लिए मिशन को 17.06.2015 से प्रभावी कर दिया गया है. इस मिशन के तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम प्रस्तुत की जा रही है.
  • मध्यम आय वर्ग (MIG) को घर बनाने या अधिग्रहण (दोबारा खरीदने) के लिए लिए हाउसिंग लोन के ब्याज़ दर पर सब्सिडी दी जाएगी.
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS)/कम आय वाले वर्ग (LIG) को घर के निर्माण या अ​धिग्रहण के लिए हाउसिंग लोन के ब्याज़ पर सब्सिडी दी जाएगी इन्क्रीमेंटल हाउसिंग के रूप में वर्तमान निवास स्थान में नए निर्माण और अतिरिक्त कमरे, रसोईघर, शौचालय आदि के लिए भी होम लोन पर क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी का लाभ उपलब्ध होगा.
  • ब्याज़ सब्सिडी का लाभ बकाया मूल राशि पर पहले मिलेगा.
  • ब्याज़ सब्सिडी की उपलब्धता और राशि, स्कीम के तहत विभिन्न कैटेगरी के आय मानदंडों की पूर्ति के अधीन है.

लाभार्थी
एक लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और/या अविवाहित बेटियां शामिल होंगी.


कमाई करने वाले व्यक्ति (चाहे वैवाहिक स्थिति कुछ भी हो) को एक अलग हाउसहोल्ड के रूप में माना जा सकता है

मुख्य मापदंड


विवरण
EWS
LIG
MIG I
MIG II
घरेलू आय (रु. प्रति वर्ष)
0-3,00,000
3,00,001-6,00,000
6,00,001-12,00,000
12,00,001-18,00,000
ब्याज़ सब्सिडी के लिए पात्र हाउसिंग लोन राशि (रु.)
6,00,000 तक
6,00,000 तक
9,00,000 तक
12,00,000 तक
ब्याज़ सब्सिडी (% प्रति वर्ष)
6.50%
6.50%
4.00%
3.00%
अधिकतम लोन अवधि (वर्षों में)
20
20
20
20
अधिकतम आवासीय इकाई प्रति कार्पेट एरिया
30 sq. m.
60 sq. m.
160 sq. m.
200 sq. m.
ब्याज़ सब्सिडी (%) की शुद्ध वर्तमान मूल्य (NPV) की गणना के लिए छूट दर
9.00%
9.00%
9.00%
9.00%
अधिकतम ब्याज़ सब्सिडी राशि (रु.)
2,67,280
2,67,280
2,35,068
2,30,156
प्रोसेसिंग फीस (रु.) के स्थान पर हर स्वीकृत PLI पर एकमुश्त भुगतान; लोन की राशि की उस सीमा तक, जहां तक सब्सिडी लागू है.
3000
3000
2,000
2,000
मौजूदा होन लोन पर या उसके बाद स्वीकृत स्कीम पर एप्लीकेशन
17.06.2015
01.01.2017
नो पक्का हाउस की उपयुक्तता
नवीनीकरण/अपग्रेडेशन के लिए नहीं
हां
हां
महिला स्वामित्व/सह-स्वामित्व
नए अधिग्रहण के लिए अनिवार्य, मौजूदा प्रॉपर्टी के लिए अनिवार्य नहीं है
अनिवार्य नहीं
अनिवार्य नहीं
घर की गुणवत्ता/फ्लैट निर्माण
राष्ट्रीय भवन संहिता, BIS कोड और NDMA दिशानिर्देशों के अनुसार
बिल्डिंग डिज़ाइन के लिए अप्रूवल
अनिवार्य
बेसिक सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर (पानी, स्वच्छता, सीवरेज़, सड़क, बिजली इत्यादि)
अनिवार्य

डिस्क्लेमर:

*उपरोक्त दिए गए विवरण भारत सरकार द्वारा शुरू की गई स्कीम प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY-अर्बन) पर आधारित है. ये भारत सरकार द्वारा इस स्कीम में बदलाव के रूप में परिवर्तन के अधीन हैं. "इस स्कीम के तहत लाभ केवल बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड द्वारा दिए गए हाउसिंग लोन के लिए लिया जा सकता है."

योजना के लिए के लिए नोडल एजेंसियां और उनके टोल फ्री नंबर

Nodal Agencies And Their Toll Free Helpline numbers

प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में, लोन व निर्माण संबंधी निर्णयों के लिए दो नोडल एजेंसियां नियुक्त की गई हैं।
·         National Housing Bank (NHB): जोकि आवास ऋण संबंधी प्रक्रियाओें की निगरानी करेगी। आवेदनों पर इसकी मंजूरी के बाद ही बैंक आपको लोन जारी कर सकेंगे।  इसकी हेल्पलाइन या टोल फ्री नंबर निम्नलिखित हैं
·         1800-11-3377
·         1800-11-3388
·         Housing Urban Development Corp (HUDCO): जोकि आवास निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं की निगरानी करेगी। इसकी हेल्पलाइन या टोल फ्री नंबर निम्नलिखित हैं-
·         1800-11-6163

प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित अन्य तथ्य

·         महिला के नाम स्वामित्व को प्राथमिकता: इस मिशन के तहत केेंद्र सरकार की सहायता से बनाए गए या खरीदे गए मकान, परिवार की महिला मुखिया (female head of the household) के नाम होने चाहिए। या फिर परिवार के पुरुष मुखिया और उसकी पत्नी के साथ संयुक्त स्वामित्व (Joint Ownership) होना चाहिए। सिर्फ ऐसे मामलों में, जिनमें कि परिवार में कोई वयस्क महिला सदस्य ही न हो, उनमें परिवार के पुरुष सदस्य के नाम मकान किया जा सकता है।
·         जरूरी होने पर आवासों के साइज में छूट संभव:  आवासों के साइज के संबंध में National Building Code (NBC) के मानक के अनुसार उनके साइज मेल खाने चाहिए। लेकिन, साइज कम होने पर भी लाभार्थी को अगर मंजूर हो तो राज्य/ केंद्र शासित सरकारें घटे साइज के मकान के निर्माण को भी मंजूरी दे सकती हैं। इसी प्रकार साइज बढ़ाने के संबध में भी राज्य सरकारें केद्रीय मंत्रालय से परामर्श करके निर्णय ले सकती हैं। पर वित्तीय मदद में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।
·         मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो: झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास और नए सस्ते आवास बनाने संबंधी जो भी प्रोजेक्ट, निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में पूरे होंगे, उनमें मूलभूत नागरिक सुविधाएं (basic civic infrastructure) जैसे कि पानी, स्वच्छता, सीवरेज, रोड, बिजली वगैरह होनी चाहिए। म्यूनिसिपालिटी (Urban Local Bodies (ULB) की जिम्मेदारी होगी कि वे credit linked interest subsidy या फिर लाभार्थियों की ओर से कराए गए निर्माणों इन सुविधाओं को दे।
·         निवास की न्यूनतम अवधि तय कर सकते हैं राज्य: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने विवेक पर किसी व्यक्ति के वहां निवास करने की अवधि (cut-off date) निर्धारित करने का निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है, जो कि उसके लाभार्थी बनने की पात्रता सुनिश्चित करती हो।


PMAY संबंधी सामान्य प्रश्न

प्रधान मंत्री आवास योजना के लिए कौन पात्र है?

निम्न व्यक्ति और परिवार इस स्कीम के लिए पात्र हैं:

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) – रु. 3 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार.
निम्न आय वर्ग (LIG) – रु. 3 लाख से रु. 6 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार.
मध्यम आय वर्ग I (MIG I) – रु. 6 लाख से रु. 12 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार.
मध्यम आय वर्ग II (MIG II) – रु. 6 लाख से रु. 12 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार.
महिलाएं जो EWS और LIG कैटेगरी से संबंधित हैं.
अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC).
उपरोक्त के अतिरिक्त, लाभार्थी निम्नलिखित कुछ पात्रता मानदंडों को पूरा करके इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं
प्रधान मंत्री आवास योजना की पात्रता को पूरा करने के लिए उसके पास अपना घर नहीं होना चाहिए.
व्यक्ति ने राज्य या केंद्र सरकार की किसी अन्य हाउसिंग स्कीम का लाभ न लिया हो.

PMAY की इस स्कीम के लिए अप्लाई कैसे करें?

लाभार्थी निम्न माध्यम से PMAY स्कीम के लिए अप्लाई कर सकते हैं:


A. ऑनलाइन 
ऑनलाइन अप्लाई करने के लिए व्यक्ति स्कीम की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकता है. अप्लाई करने के लिए उनके पास मान्य आधार कार्ड होना चाहिए.

B. ऑफलाइन 
लाभार्थी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से उपलब्ध फॉर्म भरकर स्कीम के लिए ऑफलाइन अप्लाई कर सकता है. इन फार्म का मूल्य रु. 25 + GST है.

PMAY 2019 की लाभार्थी लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?

इस स्कीम के पात्र लोग इन चरणों का पालन करके प्रधान मंत्री आवास योजना लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं:
चरण 1: ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं.
चरण 2: लाभार्थी खोजेंपर क्लिक करें.
चरण 3: आधार नंबर दर्ज़ करें.
चरण 4: दिखाएंपर क्लिक करें.

क्या प्रधानमंत्री योजना मौजूदा होम लोन उधारकर्ताओं के लिए उपलब्ध है?

मौजूदा होम लोन लेने वाले भी इस स्कीम के लिए पात्र हैं, अगर वे संबंधित पात्रता मानदंडों को पूरा करते हों.
प्रधान मंत्री योजना ने किफायती हाउसिंग स्कीम प्रदान करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इस स्कीम की भूमिका केवल हाउसिंग को फाइनेंशियल स्थिरता के बावजूद सस्ता और किफायती बनाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसने रियल एस्टेट सेक्टर में रोजगार के पर्याप्त अवसर भी पैदा किए हैं. इस स्कीम में, RERA के शामिल होने के साथ, पूरे देश में लगभग 6.07 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा हुए.


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