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जानिए नया साल क्यों और कैसे मनाया जाता है : Essay on new year in hindi

नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं  


हेलो दोस्तों आप सभी लोगों को Janam Katha की तरफ से  नया साल की हार्दिक शुभकामनाएं दोस्तों देखते हैं कि नया साल आपके लिए क्या लाता है | हम चाहते है ये साल आपके लिए ढेर सारी खुशियाँ लाये  दोस्तों साल के आगमन पर भारत सहित और कई देशों में रेस्टोरेंट और मॉल से लेकर क्लब तक हर जगह नया साल की तैयारियां शुरू कर दी गई। नया साल मतलब 1 जनवरी पर लोगों ने हर जगह एक अलग अलग उत्साह देखने को मिलता है परंतु क्या दोस्तों आप जानते हैं कि आपने कभी सोचा है कि आखिर 1 जनवरी को ही नया साल क्यों सेलिब्रेट करते हैं दोस्तों 1 जनवरी को मनाने के पीछे कई मान्यताये और कई राज छुपे हैं जिन के वजह से 1 जनवरी को नया साल क्यों मनाते हैं । हम इसी के बारे में अगले बताते हैं आप अच्छे से इस पोस्ट को Read करें और अपने दिमाग पर अच्छे से फसा ले और इसके बारे में आपको पता आज चल ही जाएगा की नए साल क्यों मनाया जाता है 
1 जनवरी को क्यों मनाया जाता है  नया साल
ऐसा माना जाता है कि नया साल आज से लगभग 4,000 वर्ष पहले बेबीलोन नामक स्थान पर मनाया गया था। 1 जनवरी को मनाया जाने वाला नया वर्ष दरअसल, ग्रेगोरियन कैलेंडर पर आधारित है। इसकी शुरुआत रोमन कैलेंडर से हुई है।इस पारंपरिक रोमन कैलेंडर का नया वर्ष 1 मार्च से शुरू होता है, लेकिन रोमन के प्रसिद्ध सम्राट जूलियस सीजर ने 46 वर्ष ईसा पूर्व में इस कैलेंडर में परिवर्तन किया था। इसमें उन्होंने जुलाई का महीना और इसके बाद अपने भतीजे के नाम पर अगस्त का महीना जोड़ दिया। दुनियाभर में तब से लेकर आज तक नया साल 1 जनवरी को मनाया जाता है।  
भारत में नव वर्ष  
भारत में नया साल विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग तिथियों पर मनाया जाता है। ज्यादातर ये तिथियां मार्च और अप्रैल के महीने में पड़ती हैं। पंजाब में नया साल बैशाखी के रूप में 13 अप्रैल को मनाया जाता है। सिख धर्म को मानने वाले इसे नानकशाही कैलेंडर के अनुसार मार्च में होली के दूसरे दिन मनाते हैं। जैन धर्म के लोग नववर्ष को दिवाली के अगले दिन मनाते हैं। यह भगवान महावीर स्वामी की मोक्ष प्राप्ति के अगले दिन से शुरू होता है।
 आंध्रप्रदेश में इसे उगादी (युगादि=युग+आदि का अपभ्रंश) के रूप में मनाते हैं। यह चैत्र महीने का पहला दिन होता है। तमिल नया साल विशु १३ या १४ अप्रैल को तमिलनाडु और केरल में मनाया जाता है। तमिलनाडु में पोंगल १५ जनवरी को नए साल के रूप में आधिकारिक तौर पर भी मनाया जाता है। कश्मीरी कैलेंडर नवरेह १९ मार्च को होता है। महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा के रूप में मार्च-अप्रैल के महीने में मनाया जाता है, कन्नड नया वर्ष उगाडी कर्नाटक के लोग चैत्र माह के पहले दिन को मनाते हैं, सिंधी उत्सव चेटी चंड, उगाड़ी और गुड़ी पड़वा एक ही दिन मनाया जाता है। मदुरै में चित्रैय महीने में चित्रैय तिरूविजा नए साल के रूप में मनाया जाता है। मारवाड़ी नया साल दीपावली के दिन होता है। गुजराती नया साल दीपावली के दूसरे दिन होता है। इस दिन जैन धर्म का नववर्ष भी होता है।लेकिन यह व्यापक नहीं है। अक्टूबर या नवंबर में आती है। बंगाली नया साल पोहेला बैसाखी १४ या १५ अप्रैल को आता है। पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में इसी दिन नया साल होता है। हिन्दू धर्म में नववर्ष का आरंभ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी इसलिए इस दिन से नए साल का आरंभ भी होता है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मोहर्रम महीने की पहली तारीख को नया साल हिजरी शुरू होता है। वैसे तो पूरे भारत में ज्यादातर लोग 1 जनवरी को नया साल मनाते हैं चाहे वो कोई भी धर्म का इंसान हो 1 जनवरी को भारत में नया साल मनाया जाता है।
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ऐतिहासिक महत्व :
1) इसी दिन के सूर्योदय से ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की।
2) सम्राट विक्रमादित्य ने इसी दिन राज्य स्थापित किया। इन्हीं के नाम पर विक्रमी संवत् का पहला दिन प्रारंभ होता है।
3) प्रभु श्री राम के राज्याभिषेक का दिन यही है।
4) शक्ति और भक्ति के नौ दिन अर्थात् नवरात्र का पहला दिन यही है।
5) सिखो के द्वितीय गुरू श्री अंगद देव जी का जन्म दिवस है।
6) स्वामी दयानंद सरस्वती जी ने इसी दिन आर्य समाज की स्थापना की एवं कृणवंतो विश्वमआर्यम का संदेश दिया।
7) सिंध प्रान्त के प्रसिद्ध समाज रक्षक वरूणावतार भगवान झूलेलाल इसी दिन प्रगट हुए।
8) राजा विक्रमादित्य की भांति शालिवाहन ने हूणों को परास्त कर दक्षिण भारत में श्रेष्ठतम राज्य स्थापित करने हेतु यही दिन चुना। विक्रम संवत की स्थापना की ।
9) युधिष्ठिर का राज्यभिषेक भी इसी दिन हुआ।
10) संघ संस्थापक प.पू.डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार का जन्म दिन।
11) महर्षि गौतम जयंती
न्यू ईयर सेलिब्रेट ऐसे करे
देशभर भर में नया साल अलग अलग तरीकों से मनाया जाता है इसे मनाने की हर देश की अपनी एक अलग अलग परंपरा होती है जिसके पीछे कुछ प्रतीक भी है। क्यों ना इस न्यू ईयर पर प्रकर्ति के लिए कुछ नया करें इसके लिए एक नया साल में कुछ नए पौधे लगाकर नेचर को और भी खूबसूरत बनाये। और हर नया साल में आप घर के हर सदस्य द्वारा एक पौधा जरुर लगाएं इससे आपकी नया साल बहुत ही बढ़िया गुजर सकती है।


न्यू ईयर सेलिब्रेट घर पर भी कर सकते हैं

इस साल की पार्टी और न्यू ईयर सेलिब्रेट आप घर पर ही रहकर कर सकते हैं अगर आप इस बार में यादगार बनाना चाहते हैं तो आप अपने परिवार के साथ फोटो खीचे और यह एक बेहतरीन विकल्प है जिसे आप नया साल बहुत ही अच्छे से यादगार बना सकते हैं।

दोस्तों के साथ न्यू ईयर सेलिब्रेट ऐसे करें

अगर आप अपने दोस्तों के साथ न्यू ईयर पार्टी सेलिब्रेट करना सोचते हैं तो आप इसके लिए आपको किसी होटल या क्लब में जाकर भी मौज मस्ती कर सकते हैं। जिससे आप अपने दोस्तों के साथ न्यू ईयर सेलिब्रेट पर खूब इंजॉय कर सकें और यह यादगार बन सके।
इस दिन फैमिली के साथ समय बिताएं

न्यू ईयर पर आप अपनी फैमिली के साथ समय बिता सकते हैं। क्योंकि कई बार आप समय की व्यस्तता के कारण आप फैमिली को समय नहीं दे पाते हैं। इस दिन आप अपने परिवार को अपने संग कहीं पर शॉपिंग कराने ले जा सकते हैं और अपने परिवार को अच्छे होटल में खाना खवा सकते हैं और अपने परिवार को कुछ गिफ्ट भी दे सकते हैं न्यू ईयर सबसे अच्छा दिन होता है गिफ्ट देने के लिए। न्यू ईयर पर अपने परिवार या दोस्तों के साथ मिलकर पिकनिक यह मूवी प्लान भी कर सकते हैं। न्यू ईयर के दिन आप एक छोटी सी पिकनिक प्लान के बाद मूवी जरूर देखें, इससे आपका दिन बहुत ही खुशहाली कटेगा और आपको नया साल 2019 की लास्ट तक आपको यादगार बना रहेगा। और अंत में आप कमेंट करके बताये की आप नई ईयर कैसे और क्यों मनाते है

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